न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू प्रकरण में एएमयू छात्रों के धरने को खत्म कराने की कवायद में पुलिस द्वारा हिंदूवादी युवा अमित गोस्वामी व योगेश वार्ष्णेय को जेल भेजना भारी पड़ता दिख रहा है। सोशल मीडिया पर इन दोनों की गिरफ्तारी मुद्दा बनती दिख रही है और बुधवार को इनकी गिरफ्तारी के विरोध में हिंदूवादी युवाओं द्वारा सामूहिक रूप से गिरफ्तारी का एलान किया गया है। यह घोषणा सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही है। इसके वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन व खुफिया तंत्र भी सतर्र्क हो गया है। वहीं विभिन्न स्तरों पर इन हिंदूवादियों को मनाने के प्रयास शुरू हो गए हैं।
हिंदूवादियों की नाराजगी की वजह पर जाएं तो एएमयू के बाब-ए-सैयद तक पहुंचने के मामले में दर्ज मुकदमे में इनकी गिरफ्तारी की आवाज एएमयू छात्रों के स्तर से बुलंद की जा रही थी। इस पर पुलिस ने रविवार को हिंदूवादी छात्र नेता अमित गोस्वामी व हिंदू जागरण मंच के पूर्व युवा महानगर अध्यक्ष योगेश वार्ष्णेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पहले दिन पुलिस के स्तर से यही बताया गया कि एएमयू प्रकरण में इन दोनों को जेल भेजा गया है। मगर मंगलवार को अमित व योगेश को तलबी वारंट पर जेल से अदालत लाया गया। जहां तीन अन्य मुकदमों में अमित पर व एक में योगेश पर तलबी वारंट तामील कराए गए। इसके बाद इन दोनों को वापस जेल भेज दिया गया। हालांकि जिन मुकदमों में इन पर वारंट तामील कराए गए हैं। वह सभी जमानतीय धाराओं में हैं। मगर इन मुकदमों के चलते इनकी जमानत में देरी हो जाएगी।
यह जानकारी हिंदूवादी युवाओं में पहुंचने पर उनमें खासा आक्रोश पैदा हो गया है। इन युवकों का तर्क है कि पुलिस पर पथराव करने वाले और देश द्रोही जिन्ना की तस्वीर का समर्थन करने वालों में से किसी को जेल नहीं भेजा जा रहा, बल्कि हमको ही जेल भेजा जा रहा है।
देश व प्रदेश की हिंदूवादी सरकारों में भी हमें ही जेल भेजा जा रहा है तो फिर हम सामूहिक रूप से गिरफ्तारी क्यों न दें। इसे लेकर देर शाम फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर विभिन्न हिंदूवादियों की ओर से 12 बजे केपी इंटर कॉलेज आगरा रोड से गिरफ्तारी देने के लिए एसएसपी दफ्तर कूच का एलान किया जा रहा है।
इसी क्रम में जानकारी देते हुए अर्जुन सिंह भोलू ठाकुर ने कहा कि सोशल मीडिया पर सभी साथियों की ओर से यह अपील की जा रही है। सभी को केपी इंटर कॉलेज पर एकत्रित होने का आह्वान किया जा रहा है। वहां से गिरफ्तारी देने एसएसपी दफ्तर जाएंगे।
कुछ चिह्नित हो गए भूमिगत, खोज में प्रयास जारी
इधर, अमित गोस्वामी व योगेश वार्ष्णेय जेल जाने के बाद कुछ चिह्नित हिंदूवादी युवा नेता खुद भूमिगत हो गए हैं। पुलिस उन्हें लगातार खोज रही है। मगर उनकी कोई लोकेशन तक ट्रैस नहीं हो पा रही है। खबर यहां तक है कि इन चिह्नित नेताओं ने खुद को इस पूरे प्रकरण से अलग रखने का बयान भी जारी कर दिया है जो मीडिया में प्रकाशित तक हुआ है।
अंदरखाने संगठनों में पनप रहा मतभेद
इस प्रकरण में हिंदूवादी संगठनों व उनके नेताओं में अंदरखाने मतभेद पनप रहे हैं। कुछ लोग हिंदूवादी युवा नेताओं की सपोर्ट करना चाहते हैं और कुछ खुद को पीछे खींच रहे हैं। इसे लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। मगर जो लोग खुद पीछे खींच रहे हैं, उनकी वजह से एकजुटता व सामंजस्य नहीं बन पा रहा है। इसके चलते समस्या पैदा हो रही है।
-कोई नया मुकदमा नहीं लगाया गया है, जो था, उसी में लिखा पढ़ी हुई है। फिर भी किसी की अगर नाराजगी है तो उन्हें समझाया जाएगा। बताया जाएगा कि कानून के दायरे में रहकर की यह सब किया जा रहा है।
-अजय कुमार साहनी, एसएसपी