आरडीए चुनाव को लेकर मेडिकल कॉलेज में माहौल गरम
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के चुनाव को लेकर माहौल गरम है। डॉक्टरों के एक गुट ने आरडीए दफ्तर में ताला ठोक दिया है, जिसे खुलवाने में प्रॉक्टोरियल टीम भी नाकाम साबित हुई। बीती रात जनरल बॉडी मीटिंग के बाद डॉक्टरों के बीच मारपीट भी हुई।
24 जुलाई को आरएडी चुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन था। उस दिन अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष पद के लिए एक-एक नामांकन आए थे जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए दो डॉक्टरों ने दावेदारी ठोकी। विवाद की शुरूआत संयुक्त सचिव पद को लेकर हुई। आरोप लग रहा है कि संयुक्त सचिव पद के लिए नामांकन करने वाले एक प्रत्याशी ने दूसरे को नामांकन से रोक दिया। इसको लेकर आरएडी में जमकर विवाद हुआ।
25 जुलाई को अभद्रता एवं धमकी मिलने के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. फहीम ने अपनी टीम के साथ इस्तीफा सौंप दिया और चुनाव कराने में असमर्थता व्यक्त की। देर रात जीबीएम में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। यह भी कहा जा रहा है जीबीएम के बाद देर रात तीन डॉक्टरों के साथ मारपीट हुई। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि करने को कोई तैयार नहीं है। आज यानी 26 जुलाई को डॉक्टरों के एक गुट द्वारा आरडीए दफ्तर में ताला ठोक दिया गया है।
इस मामले की शिकायत एएमयू वीसी, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल, प्रॉक्टर एवं हादी हसन हॉल के प्रोवोस्ट तक पहुंच गई है। प्रॉक्टर प्रो. मोहसिन खान ने बताया कि दोनो गुट की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की गई है, उसे थाने में फारवर्ड किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. अमानुल्लाह खान ने बताया कि छात्रों को समझाया गया है लेकिन अभी तक विवाद सुलझने की सूचना नहीं मिली हैं। उल्लेखनीय है कि आरडीए चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तिथि 24 जुलाई तय थी। 26 तक नाम वापस लेने एवं 29 जुलाई को चुनाव होना था।
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बीच मझधार में आरडीए
अलीगढ़। आरडीए के मुख्य चुनाव अधिकारी पद से त्यागपत्र देने वाले चुनाव कमेटी टीम के सदस्यों का कहना है कि जीबीएम में तय किया गया है कि निर्विरोध निर्वाचित सदस्य आरडीए चुनाव को देखेंगे। बता दें कि अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष पद पर एक-एक आवेदन आए थे। इस संबंध में जब अध्यक्ष पद के इकलौते दावेदार से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वर्तमान समय में आरडीए मझधार में फंसा हुआ नजर आ रहा है।
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कैंटीन ठेके से भी विवाद को जोड़ कर देख रहे लोग
अलीगढ़। क्षेत्रीय छात्र राजनीति के अतिरिक्त आरडीए विवाद को लोग कैंटीन के ठेके से भी जोड़कर देख रहे है। आरडीए कैंटीन का ठेका एएमयू नहीं उठाता। इसे आरडीए पदाधिकारी ही फाइनल कर देते है। चर्चा पर भरोसा करें तो ठेके के इच्छुक लोग इस विवाद में बेहद सक्रिय है। चिंता की बात यह भी है कि डॉक्टरों के अतिरिक्त बाहरी युवक भी आरडीए विवाद में कूद गए है।
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