जिला योजना के प्रस्तावों की छंटनी पर मंथन
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला योजना के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा के सामने प्रस्तुति से पहले प्रशासन ने योजना में शामिल किए गए ताबड़तोड़ प्रस्तावों की छंटनी पर मंथन शुरू हो गया है। डीएम ने मंगलवार को बैठक बुलाकर सरकारी विभागों से योजनाओं के अनुमानित बजट में की गई बढ़ोत्तरी के औचित्य की जानकारी ली।
डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद ने स्पष्ट कहा कि अनुमान बजट की धनराशि में जो बढ़ोतरी करने वाले विभाग यह भी जानकारी दें कि इस बढ़ी हुई धनराशि से कितना क्षेत्र अथवा कितने व्यक्ति आच्छादित अथवा लाभान्वित हो सकते हैं। तभी इसका औचित्य सामने आ सकेगा।
मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद्र ने गन्ना विभाग को निर्देश दिये कि वह गन्ने का उत्पादन क्षेत्र के रकबे को बढ़ाए। उद्यान, पशुपालन विभाग, पराग डेयरी, मत्स्य विभाग, वन विभाग सामाजिक वानिकी, ग्राम विकास, मनरेगा, राष्ट्रीय लघु सिंचाई योजना, नेडा, खादी ग्रामोद्योग आदि विभागों की योजनाओं के बजट पर भी समीक्षा की गई।
बताते चलें कि जिला योजना में सरकारी विभागों ने विभिन्न योजनाओं में दो अरब से ज्यादा का बजट मांगा है। इधर सात अरब की राशि की मांग जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायत की ओर से की गई है।
नगर पंचायत ने भी दस करोड़ से ज्यादा बजट का प्रस्ताव दिया है, जबकि इस योजना में मात्र तीन अरब 34 करोड़ 76 लाख का बजट मिल सकता है। इसके लिए प्रस्तावों में कटौती तय है। इस मौके पर एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शीश कुमार के साथ-साथ सभी विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।