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राज्य स्तरीय होटल प्रबंधन संस्थान के लिए 2.9 करोड़ जमीन आवंटित

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तहसील कोल के गांव रामपुर में प्रस्तावित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के लिए जिला प्रशासन की ओर से 2.9 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध करा दी गई है। गाटा संख्या 452 की इस जमीन पर अब फूड क्राफ्ट संस्थान की ओर से बाउंड्रीवाल कराकर जमीन पर कब्जा लेने की तैयारी शुरू हो गई है। संस्थान के सचिव/प्राचार्य नीलेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव ने पत्र लिखकर जिलाधिकारी से जमीन की नाप हल्का लेखपाल से कराने की गुजारिश की है। करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से यह संस्थान बनकर तैयार होगा।
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राज्य स्तरीय स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट बनने के बाद अलीगढ़ व मंडल के अन्य जिलों के छात्र-छात्राओं को होटल मैनेजमेंट की उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू या नोएडा का रुख नहीं करना पड़ेगा। यहां पर होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई से संबंधित स्नातक और परास्नातक कोर्स कराए जाएंगे। तकरीबन 700 सीटें यहां उपलब्ध होंगी। अभी तक होटल मैनजमेंट के कोर्स के लिए सरकार ने पर्यटन मंत्रालय के अधीन मिनी इकाई के तौर पर फूड क्राफ्ट संस्थान को एएमयू के परिसर में संचालित कर रखा है। यहां पर सिर्फ डिप्लोमा कोर्स संचालित होते हैं।
फूड क्राफ्ट संस्थान के प्राचार्य नीलेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि अभी जो संस्थान एएमयू में संचालित हैं, उसमें 420 सीटें हैं। इस सत्र में 350 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही हुनर से रोजगार कार्यक्रम के तहत निशुल्क होटल प्रबंधन व लॉंड्री से संबंधित पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें 250 बच्चे पंजीकृत हैं। रामपुर गांव में जो 2.9 हेक्टेयर जमीन मिली है, उस पर राज्य स्तरीय संस्थान खोला जाएगा। जिसका नाम स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट होगा।
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केंद्र सरकार की ओर से इस प्रोजेक्ट के लिए 14 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा रही है। बाकी राज्य सरकार वहन करेगी। करीब 18 करोड़ रुपये की लागत इस संस्थान को बनाने में आएगी। फिलहाल, डीपीआर तैयार की जा रही है, जिसमें एकेडमी ब्लाक, स्किल ब्लाक, प्रशासनिक ब्लाक, छात्रावास, एक छोटा होटल सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। डीपीआर पहले केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और फिर नेशनल काउंसिल फार होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी के पास जाएगी। वहां से मंजूरी मिलने के बाद आगे काम शुरू होगा।
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