न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
चुनाव सिर पर आते ही पुलिस प्रशासनिक मशीनरी ने लाइसेंसी शस्त्र जमा कराने की कवायद शुरू कर दी है। अपने जिले में 30 हजार से अधिक लाइसेंसी शस्त्र हैं, जिन्हें जमा कराने के लिए पुलिस स्तर से थानों के सिपाहियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र के लाइसेंसियों केा फोन कर शस्त्र जमा कराने की इत्तला दी जा रही है। अब तक पुलिस के इस प्रयास से 6 हजार के करीब लाइसेंस जमा हो चुके हैं।
अपने जिले में 30 हजार से अधिक शस्त्र लाइसेंसी हैं। हर चुनाव में इन्हें जमा कराने का फरमान आता है। हालांकि हाईकोर्ट का साफ निर्देश है कि किसी तरह का दबाव शस्त्र जमा करने के लिए नहीं बनाया जाएगा। इसके लिए नियमावली भी नियत है। इसी कड़ी में एसएसपी आकाश कुलहरि बताते हैं कि लाइसेंसी को शस्त्र न जमा करने के संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए उसे जिलाधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा। इस पर अग्रिम निर्णय होगा।
चुनाव के लिए मांगी 100 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स
चुनाव नजदीक आते ही पुलिस स्तर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में पैरामिलिट्री फोर्स की डिमांड भी आयोग से की गई है। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में मात्र 35 कंपनी सीपीएफएम मिली थी। वहीं विधानसभा चुनाव में यह संख्या बढ़कर 125 कंपनी हो गई थी। इसी के मद्देनजर 100 कंपनी सीपीएएमएफ मांगी गई है। हालांकि उम्मीद है कि 50 कंपनी के आसपास सीपीएमएफ यहां मिलेगी। इसके ठहरने, तैनाती आदि के लिए अभी से प्लानिंग भी बनाना शुरू कर दिया गया है।