न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रामघाट रोड स्थित अवर लेडी ऑफ फातिमा (ओएलएफ) स्कूल में वाहन चेकिंग के नाम पर पुलिस ने महिला शिक्षकों से बदसलूकी की और स्कूटी से जबर्दस्ती चाबी निकाल ली। पुलिस के इस रवैये से शिक्षकों व स्कूल प्रशासन में खासा आक्रोश है।
गुरुवार सुबह नौ बजे यहां सीबीएसई के कक्षा 10 की गणित की परीक्षा थी। लिहाजा, करीब 755 बच्चे अपने अभिभावकों के साथ आए थे। बड़ी परीक्षा होने के चलते काफी भीड़ हो गई और सड़क जाम हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कूल के बाहर गेट पर ही शिक्षक-शिक्षिकाओं को पुलिस ने वाहन चेकिंग के नाम पर रोक लिया।
जिससे भीड़ में गहमागहमी हो गई। शिक्षिका कंचन राघव ने कहा कि मैं जब स्कूल आई, तब पुलिस कर्मियों ने बाहर रोका और स्कूटी की चाबी निकाल ली। मैंने कहा कि बिना महिला पुलिस के चाबी कैसे निकाल सकते हैं। इस पर बोले कि अभी महिला पुलिस बुलवाते हैं। कागज के नाम पर पुलिस कर्मियों ने खूब परेशान किया।
स्कूल की प्रधानाचार्य सिस्टर ज्योत्सना ने कहा कि बगैर कोई सूचना के अचानक चेकिंग की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से काफी परेशानी हुई। बड़ी परीक्षा का भी पुलिस ने ख्याल नहीं रखा। शिक्षकों के वाहन की चेकिंग की जा रही थी।
जब उनसे सवाल किया कि आखिर केवल शिक्षकों के वाहन की चेकिंग क्यों की जा रही है, तब दिखावे के लिए एक-दो अभिभावकों के वाहनों की चेकिंग की गई। इस पर क्वार्सी थानाध्यक्ष डीएस त्यागी ने बताया कि ओएलफ में टारगेट के तहत चेकिंग नहीं की गई। यह तो रूटीन चेकिंग है। स्कूलों में चेकिंग जारी रहेगी।
जो आरोप लग रहे हैं वह गलत हैं। वहीं एसएसपी आकाश कुलहरि का कहना है कि स्कूली बच्चे वाहन लाते हैं, जो ठीक नहीं है। इसी के तहत चेकिंग कराई गई है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। स्कूली वाहनों को भी चेक करने के लिए कहा गया है। उनमें भी सुरक्षा मानक देखे जाने हैं।
रहा सवाल किसी स्कूल के शिक्षकों को टारगेट करने का तो यह गलत है। इस विषय में थाना प्रभारियों को निर्देशित किया जाएगा। इधर, देर शाम प्रधानाचार्या सिस्टर ज्योत्सना भी एसएसपी से मिलने पहुंचीं।
वहां एसएसपी ने उन्हें यही आश्वासन दिया कि किसी को टारगेट नहीं किया जा रहा है। सामान्य चेकिेंग है। अगर किसी ने ऐसा किया है तो वह उसे हिदायत देंगे।