न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि सिविल सर्विसेज जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग के लिए छात्रों को उसी समय चुन लेना चाहिए, जब उनकी आयु कम हो।
प्रो. तारिक मंसूर शुक्रवार को रेजीडेंशियल कोचिंग एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से इन छात्रों के उचित मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन के लिए मेंटर्स की नियुक्ति की गई है। उनकी जिम्मेदारी है कि वह बीए, बीएससी, बीकॉम, एमबीबीएस, बीडीएस आदि स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में ही ऐसे छात्रों का चयन कर लें जो सिविल सर्विसेज की परीक्षा देने में रुचि रखते हैं।
आरसीए के निदेशक प्रो. सगीर अहमद अंसारी ने कुलपति का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में विभिन्न प्रदेशों की न्यायिक सेवाओं में आरसीए के 90 छात्र चयनित हुए हैं। संचालन डॉ. इरफानउल्लाह फारूकी ने किया।