न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जेएन मेडिकल कॉलेज से रेफर गंभीर मरीजों के साथ (एएमयू छात्र व कर्मचारी) के साथ रेजीडेंट डॉक्टर नहीं जाएंगे। इससे संबंधित नोटिस सोमवार को रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्लाह आजमी, उपाध्यक्ष डॉ. मो. हम्जा एवं सचिव डॉ. शदमा शाहिन ने जारी कर दी है।
नोटिस में कहा गया है कि अगर कोई डॉक्टर रेफर मरीज के साथ जाना चाहता है तो वह आरडीए को लिखकर देगा। उसके साथ रास्ते में कोई घटना होती है तो उसके लिए आरडीए जिम्मेदार नहीं होगा।
आरडीए के इस फैसले पर तरह-तरह की चर्चा होने लगी है। बहुत से लोग आरडीए के फैसले को सही नहीं मान रहे हैं। कुछ लोग तो इसे ड्यूटी का हिस्सा मान रहे हैं। चर्चा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विकल्प की तलाश की जा रही है।
संभव है कि रेफर मरीजों के साथ जाने के लिए कुछ नए पद सृजित कर डॉक्टर तैनात किये जाए। उल्लेखनीय है कि मरीजों के साथ जाने वाले डॉक्टर को तीन हजार रुपये मिलते हैं।
--