न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़।
जैसी उम्मीद थी, वैसा ही हुआ। युवा जोश पर तजुर्बा भारी पड़ गया। ओलंपियंस की टीम ने एएमयू टीम को 3-2 से हरा दिया। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने विजेता टीम के कप्तान जलालुद्दीन को इनामुर्रहमान ट्रॉफी प्रदान की। वहीं, उप विजेता टीम के कप्तान नवेद अली को मरहूम जुनैद जिया ट्रॉफी दी। यह सफल आयोजन एएमयू गेम्स कमेटी व अमर उजाला ने किया।
इससे पहले रविवार की शाम पांच बजे से एएमयू के घास के मैदान पर ओलंपियंस की टीम व एएमयू टीम के बीच प्रदर्शनी मैच खेला गया। मैच शुरू होते ही युवाओं से सजी एएमयू टीम ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। पहले हाफ के चौथे मिनट में नवेद ने पहला गोल दागकर 1-0 से बढ़त बना ली।
छठवें मिनट में ओलंपियन राइट आउट खिलाड़ी जलालुद्दीन से मिले शानदार क्रास को अल्ताफ-उर-रहमान ने पहला गोल करके टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। 17वें मिनट में अल्ताफ-उर-रहमान ने दूसरा गोल करके टीम को 2-1 से बढ़त दिला दी।
18वें मिनट में जितेश ने गोल करके एएमयू टीम को 2-2 बराबरी पर ला दिया। 22वें मिनट में ओलंपियन दानिश मुज्तबा ने गोल करके टीम की जीत पक्की कर दी।
ओलपियंस की टीम 3-2 से जीत गई। टीम के मैनेजर सलमान जाफरी व कोच अली मोहम्मद अरशद थे। रेफरी की भूमिका में उप निदेशक खेल अरशद महमूद व नागेंद्र सिंह रहे।
ऐसे खेल आयोजन होने चाहिए : कुलपति
एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि ऐसे आयोजन हर साल गेम्स कमेटी को करते रहना चाहिए। यह आयोजन एएमयू के खेल स्तर को ऊंचा उठाने के लिए प्रेरणादायी होगा।
खेल से जुड़े कोच व दूसरे अधिकारियों को प्रयास करना चाहिए। ओलंपियन आएंगे तो निश्चित युवाओं के लिए शुभ संकेत होगा।
नए खिलाड़ियों को मिलेगी प्रेरणा : कमांडेंट
आरएएफ कमांडेंट हेलाल फिरोज ने मैच शुरू होने से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने एएमयू गेम्स कमेटी व अमर उजाला के आयोजन की काफी प्रशंसा की। कहा, इस आयोजन से नए खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी।
21 साल बाद जिम्नेजियम पहुंचे जफर इकबाल
जिम्नेजियम में 21 साल बाद पद्मश्री जफर इकबाल दोबारा पहुंचे। जब वह 1987 में पढ़ रहे थे, तब व्यायाम के लिए आते थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि शानदार प्रदर्शन के लिए वेट ट्रेनिंग जरूरी है, लेकिन यह ख्याल रहे कि ट्रेनिंग प्रशिक्षित ट्रेनर्स से ही लेनी चाहिए, नहीं तो शरीर पर विपरीत असर पड़ जाएगा।
उन्होंने कक्षा 11 में बंद खेल कोटा शुरू करने कुलपति की भी तारीफ की। बात ही बात में यह भी कुलपति से मांग कर ली, खिलाड़ियों को हाजिरी रियायत मिलनी चाहिए, जैसी उन्हें खेलने के दौरान मिली थी।
बच्चों को मिली किट, खिले चेहरे
कस्टम ऑफिसर मुजीबुर्रहमान ने हॉकी क्लब के हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे 11 बच्चों को किट भेंट की। किट पाकर बच्चों के चेहरे खिल गए।
प्रदेश में भी हो ऐसा आयोजन : जफर
पद्मश्री जफर इकबाल ने पत्रकारों से कहा कि हॉकी के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए प्रदेशभर में ऐसा आयोजन होना चाहिए, इसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ खिलाड़ियों को लेनी होगी। दूसरे खेल को जिस तरह से लोगों का प्यार मिल रहा है, वैसे भी हॉकी मिले, तो यकीनन हॉकी का स्तर ऊंचा उठ जाएगा।
कामनवेल्थ में भारतीय टीम की हार पर बोले, हारजीत मैच के पहलू हैं। हां, ड्रैग फ्लिकर रुपेंदरपाल के चोटिल होने से टीम के प्रदर्शन पर अंतर पड़ा है।
आप आए, आपका स्वागत
एएमयू गेम्स कमेटी के सचिव प्रो. सैयद अमजद अली रिजवी ने अतिथियों का स्वागत किया। उप निदेशक खेल अनीस-उर-रहमान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सर सैयद स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स के महासचिव सरमद महमूद को मैच के आयोजन में सराहनीय भूमिका निभाई।
संचालन जिम्नेजियम क्लब के प्रशिक्षक मजहर उल कमर ने किया। इस अवसर पर प्रो. फरीद गनी, डॉ. जमील, डॉ. वासिफ खान, प्रो. मुईन उद्दीन, डॉ. सफीउल्लाह, डॉ. रक्षपाल सिंह, साजिद अली, मोहम्मद अशफाक, फैसल शेरवानी, डॉ. आजम मीर, एसएम राशिद, इकबाल खान, सुधीश सिंह, मोहम्मद अली आदि मौजूद रहे।
ओलंपियन के बोल
एएमयू गेम्स कमेटी व अमर उजाला के सफल आयोजन की तारीफ करते हैं। यह आयोजन नए खिलाड़ियों के लिए प्रेरित करने वाला है।
-पद्मश्री जफर इकबाल
यादें ताजा हो गईं। एक बार फिर मैदान पर पुराने साथियों को एक साथ देखकर उन्हें काफी खुशी मिली और दिल को सुकून भी मिला।
-सलीम अब्बासी
अपनी कर्मभूमि पर खेलते हुए काफी मजा आया। पुरस्कार राष्ट्रीय सम्मान है। कोई भी खिलाड़ी खेल और पुरस्कार से बड़ा नहीं होता है।
-जलालुद्दीन रिजवी
80 से अधिक मैंने अंतरर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, लेकिन जो मजा एएमयू के मैदान पर खेलने में आनंद मिला, वो कहीं नहीं मिला।
-समीर दाद
मैं पहली बार अपने वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ एएमयू के मैदान पर खेल रहा हूं। काफी अच्छा लगा। उनसे कुछ सीखने को मिला है।
-दानिश मुज्तबा