न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रदेश भर में हिंदी के बाद दूसरे नंबर उर्दू भाषा का होना चाहिए। इसके लिए अथक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में उर्दू के कोचिंग सेंटर खुलवाने में मदद की जाएगी। ये बातें उप्र उर्दू एकेडमी के सदस्य सरफराज अली ने कहीं। वह अपने बच्चे को एएमयू में कक्षा नौ की प्रवेश परीक्षा दिलाने आए थे।
उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के पिछड़ने की वजह अशिक्षा है। जब तक शिक्षित नहीं होंगे, तब तक वह आगे नहीं बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से बच्चों को उर्दू पढ़ाने वाले शिक्षकों को चार हजार रुपये दिलाए जाएंगे। लेखक व साहित्यकार व शायरों को एकेडमी को शामिल कराया जाएगा। सरकार द्वारा उर्दू शिक्षकों की भर्तियां निकाली जाएंगी। इसमें 20 हजार रुपये तक का वेतन दिलवाया जाएगा।
मदरसे जो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं उन्हें कंप्यूटर व्यवस्था और वजीफा सहित अन्य सरकारी सभी सहायता दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर इफ्तिखार राना, अब्दुल वाहिद मलिक, सलीम सलमानी, अजीम सलमानी, धर्र्मेंद्र सिंह राघव आदि मौजूद थे।