होली पर राजकपूर ने मुझे गाना गाने को कह दिया: नीरज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मुंबई की मायानगरी में शानदार सफर तय करने वाले प्रसिद्ध गीतकार गोपाल दास नीरज को आरके स्टूडियो में होली के अवसर पर छाने वाला उल्लास अभी भी याद है। वह स्वयं राजकपूर के आरके स्टूडियो की होलियों में शिरकत किया करते थे। यही कारण है कि मुंबई छोड़ने के चार दशक बाद भी होली के अवसर पर अक्सर उन्हें आर के स्टूडियो की होली याद आ ही जाया करती है।
जनकपुरी स्थित अपने आवास पर आरके स्टूडियो की होली के बारे में गोपाल दास नीरज बताते हैं कि होली के मौके पर आरके स्टूडियो में मस्ती धमाल चल रहा था तो राजकूपर ने उनसे कह दिया कि नीरज अब तुम गाना गाओगे। नीरज ने कहा राज साहब मैं तो गीतकार हूं... गाना मेरे बस की बात नहीं। इस पर राजकपूर नहीं माने, बोले नहीं जैसे भी हो गाना ही होगा। अन्य लोग भी आग्रह करने लगे। इसके बाद मैंने अपने ही अंदाज में फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ का गीत‘ऐ भाई जरा देख के चलो’ सुनाया। जो सभी को बहुत पसंद आया।
नीरज कहते हैं कि उस समय राजकपूर का होली का निमंत्रण किसी के भी पास आना बड़ी बात होती थी। स्टूडियो में ऐसा लगता था कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री एक जगह पर इकट्ठा हो गई है। राजकपूर सभी का स्वागत करते। स्टूडियो में रंग की एक बड़ी हौदी बनायी जाती, जिसमें सभी को डुबकी लगाई जाती। उनके संगीतकार शंकर जयकिशन संगीत का खास इंतजाम रखते थे और मुकेश व अन्य सिंगर गाना गाते थे। राजकपूर खुद भी कई वाद्य यंत्र जैसे कोर्डियन, सेक्सोफोन आदि बजाया करते थे। उनकी फिल्मों की हीरोइन जैसे बैजयंती माला, पद्मिनी, सिमी ग्रेवाल सहित अन्य जानी मानी हीरोइन भी मौजूद होती थीं। खास बात यह रहती थी कि छोटे बड़े का कोई भेद नहीं रहता था।