कहीं फर्जी वोटिंग, तो कहीं बूथ कब्जाने के आरोपों पर हंगामे
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
नगरीय निकाय मतदान के दौरान रविवार को अलग-अलग मतदान केंद्रों पर फर्जी वोटिंग सहित अन्य गड़बड़ियों के आरोप प्रत्यारोपों को लेकर जमकर हंगामे हुए। कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं ने बूथ पर दबंगों के कब्जे का आरोप लगाया। खैर रोड पर जीडी पब्लिक स्कूल, सासनी गेट पर माहेश्वरी इंटर कालेज और कनवरी गंज में इसी तरह की शिकायतें मिलीं। हालात तब बेहद विचित्र हो गए, जब हंगामों की सूचना पर पहुंचे राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के साथ उनके समर्थक भी बूथ में घुस गए। सपाई और बसपाई आमने सामने आ गए और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने लाठियां फटकार कर स्थिति को नियंत्रित किया।
मैरिस रोड पर चिल्ड्रंस एकेडमी स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग को लेकर हंगामा हुआ। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाया जा रहा कि एक खास उम्मीदवार को वोट दें। यही नहीं फर्जी वोटिंग भी कराई जा रही है। एक दल के लोगों ने बूथ पर कब्जा कर रखा है। इस पर वहां बसपा प्रत्याशी मो. फुरकान पहुंच गए। उनका कहना था कि उनके प्रत्याशी को वोट डालने और यहां बूथ पर आने से रोका जा रहा है। इससे पहले बसपा जिलाध्यक्ष अशोक सिंह एडवोकेट ने इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी। मो.फुरकान जब मतदान केंद्र के अंदर पहुंचे तो उनके साथ उनके समर्थक भी घुस गए। इन्हें पुलिस ने रोक दिया। बसपाइयों की वहां तैनात पुलिसकर्मियों से तीखी नोक-झोंक हुई। बाद में डीएम, एसएसपी भी पहुंच गए। मतदान केंद्र के बाहर लगी भीड़ को पुलिस ने लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया। शाम को मतदान समाप्त होने से करीब पौन घंटा पहले वहां बसपा नेता पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह पहुंच गए। सपा महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक भी वहां आ गए। सपा महानगर अध्यक्ष से कुछ महिलाओं ने शिकायत की, कि उन पर दूसरे दल को वोट देने का दबाव बनाया जा रहा है, तो वह काफी समर्थकों के साथ मतदान केंद्र के अंदर घुस गए। वहां से पुलिस इन्हें जैसे-तैसे बाहर निकाला। जब सपाई बाहर निकले तो वहां बसपाइयों ने नारेेबाजी शुरू कर दी। इस पर सपाइयों ने भी नारेबाजी की। पुलिस ने वहां फिर लोगों को लाठियां फटकार कर खदेड़ा।
इसी तरह ब्लैकडेल स्कूल जमालपुर के मतदान केंद्र पर एक महिला ने आरोप लगाया कि उसका वोट दूसरे प्रत्याशी को डलवा दिया गया है, तो वहां दोनों पक्षों में बखेड़ा खड़ा हो गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस पर एसपी ग्रामीण आशुतोष द्विवेदी पुलिस व फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस व फोर्स को देखकर वहां माहौल शांत हो गया।
आईटीआई केंद्र पर बूथ कर्मियों को बंधक बनाने का आरोप
मौके पर अधिकारी पहुंचे, शिकायत गलत पाई गई, ऊपरकोट पर मशीन से नहीं निकली पर्ची
अलीगढ़। आईटीआई मतदान केंद्र पर सुबह से शाम तक हंगामे की स्थिति रही। एक पार्षद पद के प्रत्याशी ने भाजपा नेता पर बूथ कर्मियों को बंधक बनाकर अपने पक्ष में बचे हुए वोट डलवाने का आरोप लगा दिया। इस पर जमकर हंगामा हुआ। बाद में मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे, लेकिन शिकायत झूठी पाई गई। इसके अलावा ऊपरकोट, सासनी गेट, रामघाट रोड, सराय लबरिया, रावणटीला आदि मतदान केंद्रों पर छिटपुट नोकझोंक की स्थिति बनी रही।
आईटीआई मतदान केंद्र के बूथ पर पार्षद पद के निर्दलीय प्रत्याशी संजीव पहुंचे। इन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी कि यहां पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह का बेटा पार्षद पद का चुनाव लड़ रहा है। इसी के चलते उनके एजेंट नहीं बनने दिए। संजीव की मां कमलेश और उनके साथ पहुंची एक अन्य महिला हेमलता वोट डालने पहुंचीं। दोनों महिलाओं का आरोप है कि यहां पर कमरा नंबर पांच में किसी ने उनसे जबरदस्ती भाजपा को वोट डलवा दिया। इसी बात को लेकर संजीव और उनके समर्थकों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर सीओ द्वितीय और जोनल मजिस्ट्रेट मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। इन्होंने जब दोनों महिलाओं से पूछा कि उन्होेंने किस कक्ष में वोट डाला था, तो वह बता नहीं सकीं। इसी मतदान केंद्र पर शाम को यह सूचना आयी कि भाजपा नेता ने बूथ के मतदान कर्मियों को बंधक बना लिया है और जो वोट बचे हैं, उनको भाजपा के पक्ष में डलवाया जा रहा है। इस पर दोनों अधिकारियों का कहना था कि महिलाओं ने जो शिकायत की थी, वह सही नहीं पाई गई। इसी तरह बूथ कर्मियों को बंधक बनाए जाने की शिकायत भी सही नहीं पायी गई। बूथ कर्मी मतदान समाप्त होने के बाद पैकअप कर रहे थे। बाहर से कोई अंदर नहीं आए, इसलिए केंद्र का मुख्य दरवाजा बंद किया गया था। इसी मतदान केंद्र पर एक युवक को गलत पर्ची के साथ पकड़ लिया गया। उसे वोट नहीं डालने दिया गया। पुलिस ने उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया।
इससे पहले ऊपरकोट स्थित लुत्फिया इंटर कालेज मतदान केंद्र पर ईवीएम में वोट डालने के बाद पर्ची नहीं निकलने की शिकायत पर जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंच गए। यहां पर मशीन में पर्ची ही नहीं थी। लेकिन वोट सही पड़ रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि इस बार पर्ची की व्यवस्था ही नहीं है। इसी मतदान केंद्र पर बीएलओ की पर्ची औैर आधार कार्ड पर अलग-अलग नाम होने पर वोट नहीं डालने देने पर एक व्यक्ति ने जमकर हंगामा किया। बाद में जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और समस्या का समाधान कराया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
यहां भी रहीं गड़बड़ियां
- अलीगढ़ एनआईसी में लाइव टेलीकास्टिंग तो शुरू हुई, लेकिन जिले के 17 मतदान केंद्रों पर 68 बूथों की ही लाइव टेलीकास्टिंग हो सकी।
- बेला मार्ग बूथों के कमरों में अंधेरा रहा, जिससे ईवीएम के बटन दिखने में असुविधा हुई। यहां सेक्टर मजिस्ट्रेट से पीठासीन अधिकारियों ने शिकायत की, जिसके बाद रोशनी का इंतजाम हुआ। हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही कमरे में रोशनी अपने आप बढ़ गई।
- आकाशवाणी जमालपुर के बूथ 30 व 31 पर ईवीएम में खराबी आने पर मतदान का काम करीब 20 मिनट तक प्रभावित रहा। इस मतदान केंद्र पर 2100 मत हैं।
- निकाय चुनाव में इस बार 77 मतदान बूथों पर वेब कास्टिंग की गई। इनमें से नगर निगम क्षेत्र के मतदान बूथ नंबर 130 कम्यूनिटी सेंटर पर समस्या आई, जो कि सुबह 9 बजे तक शुरू नहीं हो सकी। अफसरों ने बताया कि इस केंद्र पर कनेक्टिविटी में समस्या है। इसके अलावा बूथ नंबर 257 और बूथ नंबर 295 जाकिर हुसैन हायर सेकेंड्री स्कूल में भी तकनीकी समस्या आई। अफसरों का दावा है कि इसको तत्काल दूर कर लिया गया।