नोटबंदी का ‘जश्न’ भारत की जनता का उपहास
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
नोटबंदी का एक वर्ष पूरा होने पर सपा ने काला दिवस मनाया। बुधवार को क्वार्सी बाईपास स्थित जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि आठ नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने नोटबंदी के जितने भी फायदे बताए थे, वे सब एक साल में खोखले साबित हुए हैं। इसीलिए सपा काला दिवस मना रही है।
अशोक यादव ने कहा कि नोटबंदी की मार सबसे ज्यादा असंगठित क्षेत्र पर पड़ी है, क्योंकि यह क्षेत्र नकदी से संचालित होता है। देश की जनता को अंधेरे में रखकर उनकी भावनाओं से खिलवाड़ करना लोकतंत्र में अपराध है। निर्माण उद्योग अभी तक पूरी तरह ठप है। बिल्डिंग उद्योग में लगे करोड़ों मजदूर बेरोजगार हो गए। बड़ी कंपनियों में मजदूरों की छटनी कर दी गई। सकल विकास दर में भारी गिरावट आई है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नोटबंदी के दौरान दर्जनों लोगों की जानें चली गईं। रुपयों की कमी के कारण शादी-विवाह व अंतिम संस्कार तक में अड़चनें पैदा हो गईं। दो हजार को नोट चलाकर केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार व कालाबाजारी को बढ़ावा दिया है, जो कि भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है। भाजपा काले धन को बढ़ावा देने वाली पार्टी है। ऐसी स्थिति में भाजपा सरकार ‘जश्न’ मना रही है, यह भारत की जनता का उपहास है।
महानगर अध्यक्ष अज्जू इसहाक ने कहा कि भाजपा ने नोटबंदी पर कहा था कि लगभग तीन लाख करोड़ का काला धन रद्द हो जाएगा, पर वह सारा धन वापस आकर सफेद हो गया। नोटबंदी का शिकार गरीब आदमी हुआ, जो इससे अभी तक उबर नहीं पा रहा है। अपनी छवि चमकाने के लिए प्रधानमंत्री ने रिजर्व बैंक या मंत्रिमंडल सहयोगियों को विश्वास में लिये बिना राजनीतिक फैसला लिया। इस कारण उन्हें 64 बार नियम बदलने पड़े। कृषि इस देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कर्ज में डूबे किसान को आत्महत्या करनी पड़ रही है। इस मौके पर जिला महामंत्री कुं वर बहादुर बघेल, शान मियां, नीरज यादव, कृपाल सिंह यादव, काशिफ आब्दी, रंजीत चौधरी, पूरनमल प्रजापति, सूरजपाल राना, नूरुल हसन, थान सिंह यादव, आशीष मोहन यादव, तबस्सुर अली, मुनेश देवी, सुबूही खान, मुंतजिम किदवई, शाकिर अंसारी, आदित्य सिकरवार, आशीष राय, पंकज गुप्ता, धीरजपाल सिंह, नईम, गौरव सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।