बुकसेलरों और राजकीय शिक्षकों के यहां होगी छापेमारी
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
बुकसेलर जहां यूपी बोर्ड की पुस्तकों को निर्धारित रेट से ज्यादा कीमत पर बेच रहे हैं। वहीं राजकीय विद्यालयों के शिक्षक मनमानी फीस वसूल कर अपने घरों अथवा कोचिंग सेंटरों पर कोचिंग कर रहे है। इस तरह की शिकायत मिलने के बाद अब जल्द ही छापेमार अभियान चलाया जाएगा। डीआईओस ने इसे लेकर जिले में छह टीमें गठित कर दी हैं।
उल्लेखनीय है कि शासन ने यूपी बोर्ड की पुस्तकों की सप्लाई के लिए प्रकाशकों के साथ-साथ पुस्तकों को निर्धारित कर दिया हैं। यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को इन्हीं प्रकाशकों की विभिन्न विषयों की पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी। इन पुस्तकों के रेट भी निर्धारित कर दिए गए हैं। इसकी लिस्ट भी जिलों में भेज दी गई है।
यहां यह शिकायत मिल रही है कि कुछ बुकसेलर अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें बेच रहे हैं तो कुछ बुकसेलसर पुस्तकें तो तय प्रकाशकों की ही बेच रहे हैं, लेकिन अधिक प्रिंट पर। इस तरह से विद्यार्थियों को ठगा जा रहा है। इसके अलावा यह शिकायत भी आ रही हैं कि राजकीय व वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक अपने घर पर मनमाफिक फीस लेकर कोचिंग सेंटर चला रहे हैं या फिर कोेचिंग सेंटरों में पढ़ाने जा रहे हैं।
इस पर भी रोक लगाने का शासन का फरमान है। अब इस सिलसिले में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी के लिए टीमें गठित की हैं। इसमें एडीआईओएस, नौरंगीलाल जीआईसी के प्रधानाचार्य शीलेंद्र कुमार, राजकीय इंटर कॉलेज गौरई के प्रधानाचार्य सुभाषबाबू, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज गौधा के प्रभारी प्रधानाचार्य भजनलाल, राजकीय उमा विद्यालय पैराई के प्रधानाचार्य वीपी सिंह, प्रभारी प्रधानाचार्य विक्रम सेवा सदन राजकीय इंटर कॉलेज बांकनेर रवींद्र कुमार शामिल हैं।
यह टीमें जल्द ही छापेमारी करेंगी। नौरंगीलाल जीआईसी के प्रधानाचार्य शीलेंद्र कुमार ने बताया कि वह मंगलवार से छापेमारी करेंगे और गड़बडियां पकड़ेंगे। कोचिंग करने वाले राजकीय अध्यापकों की वीडियो बनाई जाएगी और कार्रवाई भी कराई जाएगी। इसी तरह जो बुकसेलर निर्धारित रेट से ज्यादा कीमत पर किताबें बेचता मिलेगा, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।