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पूर्व महासचिव सहित चार अधिवक्ता बार एसोसिएशन से निष्कासित

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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होली मिलन के दिन दीवानी बार कार्यालय में हुई तोड़फोड़ मामले में दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव रामअवतार सिंह सहित चार अधिवक्ताओं को बार की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। इसके अलावा बार एसोसिएशन ने सीजेएम कोर्ट के सामने बने 22 चैंबरों के निर्माण व आवंटन में घपले की जांच तीस दिन में कराने का निर्णय लिया है। यह निर्णय शनिवार को बार की आम सभा में लिया गया है। जिसकी जानकारी बार के महासचिव अनूप कौशिक ने रविवार को जारी प्रेसनोट में दी है।


दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की आम सभा शनिवार को दीवानी बार परिसर में हुई, जिसकी अध्यक्षता बार अध्यक्ष कैलाश बाबू गुप्ता व सचालन महासचिव अनूप कौशिक ने किया। संचालन करते हुए महासचिव अनूप कौशिक ने कहा कि 19 मार्च को बार कार्यालय में अंदर घुसकर पूर्व महासचिव राम अवतार सिंह, नीरज यादव, प्रदीप शर्मा व पुष्प कुमार भारद्वाज ने तोड़फोड़ की। इन चारों अधिवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से एसोसिएशन से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। सभी अधिवक्ताओं ने इस कृत्य की निंदा की।
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इसके अलावा सीजेएम कोर्ट के सामने बने 22 चैंबरों की आवंटन व निर्माण कार्य की जांच का निर्णय भी तीस दिन में लिया गया। इसके अलावा विगत चार वर्षों में दीवानी परिसर में हुये विकास कार्यों की तीस दिन के अंदर जांच कराई जाएी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये। इसके अतिरिक्त दीवानी परिसर में टिनशेडों में बंदरों से बचाव के लिए कवर्ड लगाना, पानी की व्यवस्था को वाटर कूलर लगावाने का प्रस्ताव पारित किया। इस मौके बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन सुरेश मोहन यादव, राजेंद्र चौधरी, प्रमोद चौहान, मलखान सिंह, संजय पाठक, अनिल शर्मा, पंकज शर्मा, बृजेश सिंह, संतोष सिंह, योगेश सारस्वत, राकेश गौड़, प्रदीप शर्मा, अमर सिंह, विनोद शर्मा आदि मौजूद थे। बता दें कि बार की सदस्यता से निष्कासित किए गए चारों अधिवक्ताओं पर उस तोड़फोड़ मामले में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।

-बार एसोसिएशन की आम सभा में तोड़फोड़ मामले में चार अधिवक्ताओं को बार से निष्कासित करने के अलावा पिछले वर्ष हुए चैंबर निर्माण व उनके आवंटन में घपलों की जांच कराने का निर्णय लिया गया है। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्यवाही होगी। चैंबर निर्माण में अनियमितता के साथ-साथ वित्तीय आरोप भी हैं।
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-कैलाश बाबू गुप्ता अध्यक्ष बार एसोसिएशन

-बार की आम सभा में निष्कासन की उन्हें जानकारी नहीं है। हां, इतना जरूर है कि तोड़फोड़ मामले में हम चारों से पूर्व में 50 हजार रुपये हर्जाना लिया जा चुका है। आम सभा में इस विषय पर पुरजोर विरोध हुआ था कि जब हर्जाना वसूला गया है तो फिर निष्कासन गलत है। इस विषय में अपनी बात रखेंगे।
-राअमवतार सिंह पूर्व महासचिव
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