न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच की मांग भी इस चुनाव में एक मुद्दा है। इसके स्वर मुखर करने में अधिवक्ताओं के अलावा वादकारी, बुद्धिजीवी, शिक्षाविद्, सामाजिक संस्थाओं के साथ आम लोग भी हैं। लंबे समय से अधिवक्ता अलीगढ़ में बेंच की मांग को लेकर प्रत्येक शनिवार को कार्य से विरत रहते हैं। ऐसी हालत में चुनाव में खड़े प्रत्याशियों के लिए इस मुद्दे पर एक स्पष्ट रुख वकीलों और आम जनता के सामने रखना पड़ सकता है कि वह इसके लिए क्या करेंगे?
अलीगढ़ और प्रयागराज की दूरी 600 किलोमीटर है। स्थानीय स्तर पर चल रहे केस की अपील हाईकोर्ट में करने पर वादी को प्रत्येक तारीख या कोर्ट के बुलाने पर 600 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इससे न्याय पाने के अधिकार में बाधाएं आती हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से अधिवक्ता इसके लिए आंदोलन की राह अपनाए हुए हैं। बार एसोसिएशन के सचिव अनूप कौशिक एडवोकेट कहते हैं कि समय के साथ मुकदमों की संख्या में इजाफा हुआ है। जनसंख्या बढ़ी है और मामले भी बढ़े हैं। यह समय की मांग है कि अलीगढ़ में बेंच बने।
अधिवक्ता इस सवाल का जवाब सभी प्रत्याशियों से मांगेंगे कि वह इस मुद्दे पर क्या करेंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता राम कृष्ण तिवारी कहते हैं कि हाईकोर्ट बेंच के लिए अलीगढ़ सबसे अनुकूल है। यह मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बदायूं, आगरा सभी के साथ जुड़ा है। अब यह सही समय है कि चुनाव में खड़े प्रत्याशी इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय रखें।