आशीष श्रीवास्तव, अमर उजाला, अलीगढ़।
गांव धौर्रामाफी में आशा ज्योति केंद्र एवं राजकीय संप्रेषण गृह बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। डीएम ने महिला कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर मोहर लगा दी है। आशा ज्योति केंद्र बनने से जहां पीड़ित महिलाओं को एक ही मंच पर कानूनी सहायता से लेकर चिकित्सा तक की सुविधा मिलेगी तो बाल संप्रेषण गृह बनने से किशोरवय कैदियों को अलीगढ़ में ही रखना संभव हो सकेगा। अब तक इन्हें मथुरा के बाल संप्रेषण गृह भेजा जाता था।
आशा ज्योति केंद्र में यह होंगी सुविधाएं
चिकित्सा, परामर्श, कानूनी सहायता, पुलिस सहायता व बच्चों के लिए क्रच होगा। यही नहीं पीड़ित महिला को पांच दिन तक केंद्र में रहने की सुविधा भी मिलेगी। महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी ने बताया कि केंद्र में चिकित्सकों की 24 घंटे ड्यूटी रहेगी। जो वहां आने वाली पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा सुविधा प्रदान करेंगे।
अतिक्रमण मुक्त करायी भूमि पर बनेगा
गांव धौर्रामाफी में आशा ज्योति केंद्र एवं राजकीय संप्रेषण गृह का निर्माण हाल ही में तहसील कोल की टीम द्वारा अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर बनेगा।
धौर्रामाफी गांव में आशा ज्योति केंद्र एवं राजकीय संप्रेषण गृह का प्रस्ताव मंजूर हो गया है। शासन से एजेंसी नामित होते ही निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा।
स्मिता सिंह, महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी