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नौरंगाबाद में जमीन को लेकर कटा बवाल

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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
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महानगर के नौरंगाबाद स्थित एक मंदिर से सटी भूमि पर नगर निगम द्वारा पिछले पखवाड़े स्वामित्व जताने का मुद्दा मंगलवार देर शाम तूल पकड़ गया। हालांकि नगर निगम द्वारा यहां बाउंड्रीवाल करा दी गई थी। मगर इस मामले में यहां मंगलवार तड़के किसी ने बाउंड्री तोड़ दी और जब शाम को नगर निगम की टीम फिर से बाउंड्री बनवाने गई तो पब्लिक नगर निगम के विरोध में आ गई। यहां लोगों ने जमीन को मंदिर के स्वामित्व की बताते हुए अदालत का स्थगनादेश भी दिखाया। इसे लेकर वहां काफी संख्या में भीड़ जमा हो गई और हंगामा शुरू हो गया। सूचना पर पहुंचे प्रशासन एवं नगर निगम के अधिकारियों ने यहां नगर निगम के स्वामित्व का बोर्ड लगवाने की कोशिश की, लेकिन हंगामा बढ़ते देखकर काम रुकवा दिया गया। इस मामले में मंदिर कमेटी, नगर निगम व कुछ वाल्मीकि समाज के लोग अपना अपना दावा जताने में लगे हैं। अप्रिय स्थिति की संभावना के चलते यहां पीएसी एवं तीन थानों का फोर्स लगा दिया गया है।

नौरंगाबाद में रामचंद कपलेश्वर जी मंदिर है। इससे सटा 120 नंबर का प्लाट है। पिछले दिनोें नगर निगम की टीम ने इस प्लाट को ऊसर की जमीन बताते हुए यहां रह रहे लोगों को हटवाकर बाउंड्रीवाल बनवा दी थी। इस पर ताला लगवा दिया गया। मंगलवार को सुबह चार बजे के करीब कुछ लोगों ने बाउंड्री की एक दीवार तोड़ दी। इसकी जानकारी मिलते ही नगर निगम व प्रशासन के अफसरों को मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंच कर शाम को फिर नगर निगम के स्वामित्व का बोर्ड लगवाना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। कुछ ही देर में सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र हो गए और हंगामा मचाने लगे। यह देखकर अफसरों के होश फाख्ता हो गए। उन्होंने तत्काल काम रुकवाकर लोगों को शांत कराया। एहतियातन पुलिस व पीएसी भी बुला ली गई। इसी बीच यहां पहुंचे मंदिर कमेटी के उप मंत्री प्रियवर्ष मिश्रा ने बताया कि उक्त भूमि मंदिर की है और सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट तक मंदिर के पक्ष में 30 वर्ष पहले ही फैसला दे चुका है। पिछले दिनों नगर निगम ने यहां बाउंड्रीवाल करायी तो हमने विरोध किया। लेकिन एक न सुनी गई।
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इस मामले में उन्होंने सिविल जज वरिष्ठ प्रभार के यहां से 12 अक्तूबर को स्थगन आदेश ले लिया था। इसके बावजूद नगर निगम व प्रशासन जबरन निर्माण करा रहा था। वाल्मीकि समाज के कुछ लोग भी अपना स्वामित्व जताने की कोशिश में हंगामा मचा रहे हैं। सुबह इन्हीं लोगों ने नगर निगम द्वारा लगाई गई बाउंड्रीवाल तोड़ी है। इस पर भगवान के चित्र भी बने हुए थे। नगर निगम की कार्रवाई न्यायालय के आदेश की अवमानना है। नगर निगम के संपत्ति अधिकारी सभापति यादव ने कहा कि स्थगन आदेश दोनों पक्षों पर लागू है। कुछ असामाजिक तत्व रात में बाउंड्रीवाल तोड़ रहे हैं। जहां तक जमीन पर दावेदारी जताने वाले मंदिर ट्रस्ट केलोगों का सवाल है तो उनसे अपने जमीन से संबंधित कागजात लेकर तहसील आने को कहा गया था। लेकिन कोई नहीं आया। यदि वे स्टे आर्डर को लेकर न्यायालय में जाएंगे तो हम भी वहां जाकर काउंटर करेंगे। इधर, देर रात मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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इस मामले में देर रात नगर निगम के राजस्व निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह की तहरीर पर मंदिर सोसाइटी के उपमंत्री प्रियव्रत मिश्रा, भाजपा नेता अविनाश गौड़, कुंवरपाल शर्मा, अश्वनी शर्मा व एक अज्ञात के खिलाफ नगर निगम की बाउंड्री तोड़ने, अपना ताला डालने, सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
- सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव


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