न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि देश में जब इस बात पर चर्चा हो रही थी कि महिलाओं को फाइटर प्लेन चलाने दिया जाए या नहीं, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महिला को रक्षा मंत्री बनाकर एक मजबूत संदेश दिया।
218 में से 122 स्वर्ण पदक जीतने पर राज्यपाल ने छात्राओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि एक दिन बाद यानी 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस होने के कारण आज का दिन छात्राओं के लिए विशेष हो गया है।
उन्होंने कहा कि 64 साल पहले जब वह बीकॉम में थे तो क्लास में 150 छात्र और मात्र 4 छात्राएं थीं। इन वर्षों में भारत की प्रगति कितनी हुई, यह आज आंकड़े बोल रहे हैं।
आज महिलाएं आईएएस, आईपीएस बन रही हैं। रेलगाड़ी चला रही हैं और सेना में जा रही हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से जीवन में सफलता के शीर्ष मुकाम पर पहुंचने के लिए सूर्य की तरह चलते रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान के जीवन में दीक्षांत समारोह एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। पढ़ाई समाप्त होती है और जीवन की लड़ाई प्रारंभ होती है। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए कोई शार्टकट नहीं अपनाएं।
इससे जीवन में धोखा मिल सकता है। कड़ी मेहनत के बाद कभी जीवन में असफलता मिले तो आंखें बंद कर आत्म निरीक्षण करें। जीवन में कभी हार मत मानें। सफलता कदम चूमेंगी।
अमर उजाला की खबर पर मुहर, राज्यपाल ने की शिरकत
एएमयू के 65वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने शिरकत की। उनकी शिरकत से अमर उजाला की उस खबर पर मुहर लग गई, जिसमें समारोह में राज्यपाल के शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इस बारे में एएमयू इंतजामिया ने इंकार कर दिया था।
अमर उजाला ने चार मार्च के अंक में दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक के शामिल होने की अटकलें लगाने की खबर छापी थी। राज्यपाल यूनिवर्सिटी के चीफ रेक्टर (मुख्य कुलाधिसचिव) हैं, इस नाते उनके यूनिवर्सिटी में आने की बातें हो रही थीं।