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अलीगढ़ में नियमों की अनदेखी कर नौकरी से निकाला

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नियमों की अनदेखी कर नौकरी से निकाला
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

नियमों की अनदेखी कर रोडवेज के अधिकारियों ने एक कर्मचारी को सेवा पृथक कर दिया। पीड़ित ने लखनऊ से लेकर अलीगढ़ तक के अधिकारियों पर षड्यंत्र के तहत उसे नौकरी से सेवा प्रथक करने का आरोप लगाया है। साथ ही भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन का बिगुल फूंककर केंद्र सरकार को हिलाने वाले अन्ना हजारे से मदद मांगी है।

रसलगंज निवासी अनिल कुमार के अनुसार उसे अपने पिता की मौत के बाद मृत आश्रित कोटे से 14 साल बाद परिवहन निगम में चालक के रूप में नौकरी मिली। ड्यूटी के दौरान उसकी कन्नौज में निगम के वाहन से दुर्घटना हुई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद सीएमओ ने उसे अनफिट चालक करार दे दिया। परिवहन निगम ने उसे मसूदाबाद में चौकीदार, सेवक एवं बस स्टैंड पर पूछताछ केंद्र में लगा दिया।
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आरोप है कि मृत आश्रित में नौकरी पाने के लिए भी उसे विभागीय भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ा, लेकिन यहां भी भ्रष्टाचार ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। निगम के प्रबंधक निदेशक पी गुरू प्रसाद, चेयरमैन प्रवीर कुमार, मुख्य प्रधान प्रबंधक अनुशासनिक ने बिना जांच पड़ताल के ही नौकरी से निकाल दिया।

उसे नौकरी से निकालने के पीछे मुख्य षड्यंत्रकर्ताओं में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ममता कुमारी, बुद्ध बिहार एआरएम योगेंद्र प्रताप सिंह, तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक आरिफ सकलैन शामिल थे। पीड़ित ने न्याय के लिए धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अन्ना हजारे को पत्र लिखा है। साथ ही बताया कि उनकी अनुमति आने के बाद धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक के निर्देश पर मामले की जांच मैने की थी। शिकायत सही पाई गई और अपनी रिपोर्ट भेज दी। इसी आधार पर उसे नौकरी से निकाला गया, लेकिन कि उसे वापस ले लिया। उसकी गोरखपुर में तैनाती की गई है, लेकिन अब उसकी मांग है कि अलीगढ़ में ही तैनाती दी जाए। - योगेंद्र प्रताप सिंह, एआरएम बुद्ध विहार
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आरोप झूठे लगाए जा रहें आरोपी अक्षम होने का दावा भर रहा है, लेकिन प्रपत्र नहीं दिखा रहा है। मई 2017 में उसे मुख्यालय ने बहाल करते हुए गौरखपुर में तैनाती कर दी, लेकिन उसने वहां ज्वाइन नहीं किया। विभागीय अपील में भी उसकी सुनवाई हुई थी। - ममता कुमारी, एआरएम पी
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