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छेड़छाड़ मामले में बयान पर कायम ईरानी छात्रा

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प्रो. बिलाल के खिलाफ ईरानी छात्रा बयान पर कायम
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

एएमयू के एमबीए विभाग के प्रो. बिलाल मुस्तफा खान के खिलाफ द्विअर्थीय संदेशों के माध्यम से छेड़खानी का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराने वाली ईरानी छात्रा अपने बयान पर कायम है। बुधवार को अदालत में पेश होकर छात्रा ने अपने बयान दर्ज कराए और उसने मुकदमे में लगाए आरोपों पर सहमति जताई। बयान दर्ज होने के बाद अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए अब 14 जुलाई अगली तारीख तय कर दी है। इस तारीख पर बयानों पर सवाल जवाब भी हो सकते हैं।
बता दें कि वर्ष 2014 में एएमयू में उस समय हंगामा खड़ा हुआ था, जब ईरानी छात्रा ने प्रॉक्टर कार्यालय के माध्यम से सिविल लाइंस पुलिस को प्रो. बिलाल के खिलाफ तहरीर दी थी। इसमें प्रोफेसर पर द्विअर्थीय संदेशों के माध्यम से छेड़खानी का आरोप था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और चार्जशीट दायर कर दी। हालांकि एएमयू वीमेंस सेल ने प्रोफेसर को आरोपों से अपनी जांच में बरी कर दिया था। मगर पुलिस की चार्जशीट के चलते मुकदमा अदालत पहुंचा।
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इस मामले में हाईकोर्ट तक पैरवी हुई। हाईकोर्ट ने मामले में ईरानी छात्रा को बयान के लिए कोर्ट में हाजिर होने का नोटिस जारी किया था। इसी नोटिस के तहत बुधवार को नियत सुनवाई की तारीख पर ईरानी छात्रा बयान दर्ज कराने कोर्ट पहुंची, जहां उसने मुकदमे में लगाए आरोपों का समर्थन करते हुए बयान दर्ज कराए हैं। अब अगली तारीख नियत हो गई है। बता दें कि इस मामले में अदालत ने प्रोफेसर की चार्ज की स्टेज पर बरी करने की याचिका को भी खारिज किया है। हां, उसमें आईटी एक्ट की धारा जरूर हटा दी है।
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