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फर्राटा भर रही उतर प्रदेश ‘परिवार’ की बसें

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यतीश शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़।
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रोडवेज बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को गुमराह करने के लिए शातिरों ने रोडवेज के रंग वाली बस पर उत्तर प्रदेश परिवहन के स्थान पर उत्तर प्रदेश ‘परिवार’ लिखवा रखा है। पहली नजर में यात्री इसका अंतर नहीं समझ पाते और इन डग्गेमार बसों में सवार हो जाते हैं। ऐसा नहीं है कि इन बसों के संचालन की जानकारी परिवहन विभाग के अधिकारियों को नहीं है। डग्गेमारी रोकने के लिए जिम्मेदार आरटीओ एवं रोडवेज के अधिकारी इस तरह की बसों के खिलाफ कार्यवाही करने के स्थान पर एक दूसरे के ऊपर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इसी की नतीजा है कि सेटेलाइट बस स्टैंड से दिल्ली के लिए धड़ल्ले से उत्तर प्रदेश ‘परिवार’ लिखी गाड़ियों से डग्गेमारी की जा रही है।

सेटेलाइट बस स्टैंड से कुछ कदमों की दूरी पर जीटी रोड से तरह की बसों का संचालन खुलेआम हो रहा है। डग्गेमार बसों में सवारी बैठाने के लिए गुर्गे बस स्टैंड में सक्रिय रहते हैं। यह लोग बस स्टैंड के अंदर से दिल्ली जाने वाली सवारियों को बरगला कर अपने साथ ले जाते हैं और नकली रोडवेज की बसों में बिठा देते हैं। चूंकि यह बसें रोडवेज के रंग की होती है तो यात्रियों को शक भी नहीं होता है।
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‘अमर उजाला’ ने जब इसकी पड़ताल की तो यह बात सच साबित हुई। जीटी रोड पर कौशाम्बी मैट्रो एवं उत्तर प्रदेश परिवार लिखी दो बसें खड़ी मिली। यहां सवारी बनकर पूछने पर एक व्यक्ति ने बताया कि अभी इन बसों का नंबर नहीं आया है नंबर आने पर इन बसों को रवाना किया जाएगा। आगे खड़ी बस में दिल्ली के लिए सवारी बैठ रही हैं।


डग्गेमारी रोकना आरटीओ का काम है। समय समय पर आरटीओ एवं रोडवेज के अधिकारियों की संयुक्त चेकिंग भी होती है। यदि ऐसी कोई बस चल रही है तो आरटीओ को उनके खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए।
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यूपी सिंह, एआरएम फाइनेंस।


अभी चुनाव का समय चल रहा है। प्राइवेट वाहनों के अधिग्रहण की व्यस्थता के कारण चेकिंग अभियान प्रभावित चल रहा है। बावजूद यदि ऐसे वाहन सड़क पर चलते हुए मिलते हैं तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
निर्मल प्रसाद, आरटीओ प्रवर्तन।
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