न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
होली का त्यौहार मनाने के लिए बाहर रहने वाले लोगों का घर आना भी शुरू हो गया है। लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने वाले परिवहन विभाग की व्यवस्थाएं पहले दिन ही ध्वस्त हो गईं। दिल्ली मार्ग पर दौड़ रही रीजन की करीब साढ़े चार सौ बसें लोगों को अलीगढ़ तो लेकर आईं, लेकिन यहां से विभिन्न स्थानों पर जाने के लिए उन्हें बस नहीं मिली।
होली से दो दिन पहले मंगलवार को रोडवेज बसें यात्रियों से खचाखच भरकर चलीं। रीजन की सात सौ बसों में से साढ़े चार सौ बसें दिल्ली-अलीगढ़ मार्ग पर दौड़ाई जा रही हैं। बाकी बची बसों को अन्य मार्गों पर यात्रियों के लिए चलाया जा रहा है।
मंगलवार को गांधी पार्क बस स्टैंड पर एटा जाने वाले लोगों को पूरे दिन परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने खेरेश्वर एवं बौनेर पर कर्मचारी तैनात कर दिए, ताकि बाईपास होकर जाने वाली बसें शहर के अंदर होकर गुजरें। एआरएम फाइनेंस यूपी सिंह ने बताया कि सबसे ज्यादा यात्री दिल्ली से आते हैं, इसलिए इस मार्ग पर ज्यादा ध्यान रहता है। सभी बसों के ट्रिप तथा किलोमीटर बढ़ा दिए हैं। जिस रुट पर बस की आवश्यकता होती है बस स्टैंड प्रभारी की मांग पर वर्कशॉप से बस उपलब्ध कराई जा रही है।
डग्गेमार वाहनों ने वसूला मनमाना किराया
होली का त्यौहार मनाने के लिए घर जाने वाले लोगों की संख्या के सापेक्ष बसें कम होने पर डग्गेमार वाहन चालकों ने जमकर चांदी काटी। उन्होंने मनमाना किराया वसूलकर लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। सेटेलाइट बस स्टैंड एवं गांधी पार्क बस स्टैंड से डग्गेमार वाहन चालकों ने आवाज लगाकर गाड़ी में सवारियों को बिठाया। बसों का अभाव होने के कारण रोडवेज के कर्मचारी भी मूकदर्शक बने रहे।