क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बुधवार रात ऊपर कोट कोतवाली क्षेत्र में शीशे वाली मस्जिद के पास कश्मीरी मंजिल के ढहे कुछ हिस्से के मलबे में दबकर घायल हुए दो लोगों की हालत में अब सुधार है।
रात करीब सवा बजे मकान ढहने से अफरा-तफरी मच गई थी। शीशे वाली मस्जिद के पास नसीम जहां का कश्मीरी मंजिल के नाम से पुराना मकान है। हालांकि, वह मकान में नहीं रहती हैं। इस मकान के आगे के हिस्से में दो दुकान हैं, जिसे तौसीफ अहमद को किराए पर उठा रखी हैं। पिछले वाले हिस्से में दो किराएदार बप्पू और अप्पी रहते हैं, जो ढहे हिस्से के मलबे में दब गए थे। मकान के ढहने के सूचना पर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई थी।
मलबे में दबे बप्पू व अप्पी को निकालकर अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। यहां उनकी हालत में सुधार है। उधर, समाजसेवी गुलजार अहमद ने बताया कि बुधवार शाम सवा सात बजे ऊपरकोट कोतवाली के एसएसआई अकरम खान को कश्मीरी मंजिल से ईंटें निकलने की जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने कहा कि यह उनके क्षेत्र में नहीं आता है।
इसके लिए वह सिटी मजिस्ट्रेट व नगर निगम के उच्चाधिकारी व पुलिस को को प्रार्थना दें। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बात पर गौर कर लिया जाता तो अनहोनी घटना से बचा जा सकता था।