न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रेल राज्य मंत्री एवं सूचना प्रसारण राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के दौरे को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल ने कहा है कि वह रेलवे के सरकारी खर्च पर भाजपा का प्रचार कर रहे हैं। भाजपा के ‘साफ नियत विकास सही’ नारे का यही असली अर्थ है।
साफ नियत यही है कि भारत सरकार के पैसे पर पार्टी का प्रचार किया जाए। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा मंगलवार की रात को मगध एक्सप्रेस में लगाए गए स्पेशल कोच से आए और बुधवार को गोमती एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच से रवाना हुए।
उनके आने और जाने की तैयारी में इलाहाबाद मंडल के डीआरएम, आरपीएफ कमांडेंट, एडीआरएम सहित तकरीबन 300 अधिकारी और मुलाजिम चार दिन तक पसीना बहाते रहे। इनकी चार दिनों की तनख्वाह लाखों रुपये में होती है। ये सब खर्च जोड़ दिया जाए तो लाखों रुपये में पहुंचता है।
रेल राज्य मंत्री ने स्टेशन का निरीक्षण नहीं किया, यात्री सुविधाओं को नहीं टटोला, सूचना प्रसारण विभाग के किसी अधिकारी के साथ कोई मीटिंग नहीं की। अगर केवल पार्टी के लिए संपर्क फार समर्थन ही करना था तो पार्टी के खर्च पर आना चाहिए या निजी खर्च पर..।
उसके लिए रेलवे की संपत्ति का दुरुपयोग क्यों..? अगर रेल राज्य मंत्री के पास इन सवालों के जवाब हैं तो बिल्कुल जवाब दें। जनता को ये जानने का हक है।