न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
दिल्ली के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रेड लाइट क्रास करने पर पकड़ में आए टैक्सी ड्राइवर का लाइसेंस फर्जी निकला। वह काफी समय से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पर टैक्सी चला रहा था। सोमवार को दिल्ली यातायात पुलिस के दरोगा ने संभागीय परिवहन कार्यालय में पहुंचकर लाइसेंस की जांच की तो वह फर्जी निकला।
दिल्ली के सिविल लाइन क्षेत्र में एक चौराहे पर यातायात पुलिस ने रेड लाइट क्रास करने के आरोप में विष्णु पुत्र राजकुमार निवासी हुसैनपुर, शाहजहांपुर अलीगढ़ को पकड़ा। उसके ड्राइविंग लाइसेंस में पुलिस को कुछ गड़बड़ नजर आई। पूछताछ में विष्णु ने ड्राइविंग लाइसेंस को असली बताते हुए जांच कराने का दावा भी कर दिया।
सोमवार को दिल्ली में यातायात पुलिस के दरोगा संपतराम संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरआई वीके चौधरी एवं लाइसेंस प्रभारी शमी बाबू से लाइसेंस की हकीकत जानी। लाइसेंस प्रभारी ने एसआई को बताया कि उनके यहां से यह लाइसेंस जारी नहीं हुआ।
एसआई संपतराम ने बताया कि लाइसेंस यूपी में बनने वाले पैटर्न से अलग है, इसलिए देखने पर शक हुआ। लाइसेंस जारी करने की तारीख 23 जनवरी 2017 तथा अंतिम तारीख 16 फरवरी 2021 है। लाइसेंस पर अलीगढ़ आरटीओ की दोनों ओर मुहर तथा हस्ताक्षर भी हैं।
वर्जन
हमारे यहां से लाइसेंस जारी नहीं हुआ। लाइसेंस पर जो नंबर है उस नंबर का लाइसेंस अलीगढ़ से अभी तक जारी ही नहीं हुआ। पुलिस इसकी जांच करेगी कि लाइसेंस कहां और किसने बनाया है? लाइसेंस अलीगढ़ के किसी व्यक्ति ने बनाया है तो पुलिस के माध्यम से उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। -राधेश्याम, आरटीओ अलीगढ़।