तीन बार राष्ट्रपिता के चरण पड़े अलीगढ़ की धरा पर
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
बिना तलवार और बिना ढाल के ही अहिंसा के दम पर देश को आजादी दिलाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चरण तीन बार अलीगढ़ की धरती पर पड़े। अलीगढ़ प्रवास के दौरान ही गांधी जी ने राष्ट्रीय आंदोलन को धार देन का काम किया। इसी दौरान दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की नींव पड़ी। आखिरी बार बापू भारत छोड़ो आंदोलन से पहले यहां आए थे।
अलीगढ़ के अब्दुल मजीद ख्वाजा के साथ बापू के गहरे संबंध थे। ख्वाजा जवाहर लाल नेहरू के भी करीबी रहे। नेहरू की किताब ‘माई ऑटोबायोग्राफी’ में अब्दुल मजीद ख्वाजा का जिक्र मिलता है। 1925 में महात्मा गांधी अलीगढ़ मुस्लिम विवि आए। यहां पर उन्हें छात्र संघ की आजीवन सदस्यता दी गई। वह यह सदस्यता पाने वाले पहले व्यक्ति थे। उस समय अपने संबोधन में महात्मा गांधी ने कहा था कि इस विवि के छात्र मेरे साथ आ जाएंगे, तो फिर स्वतंत्रता का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं होगा। इसके बाद महात्मा गांधी राष्ट्रीय आंदोेलन के अन्य नेताओं के साथ अब्दुल मजीद ख्वाजा के यहां पर जिस कोठी में रुके थे, वह कोठी आज एएमयू के यूजीसी एकेडमिक स्टाफ क्लब के नाम से जानी जाती है। आखिरी बार महात्मा गांधी भारत छोड़ो आंदोलन से पहले यहां आए और अपने साथियों सहित नुमाइश मैदान के दरबार हाल में रुके थे।
गांधी आश्रम में अखंड सूत यज्ञ का आयोजन किया
क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम बन्नादेवी पर रविवार सुबह 9 बजे से गांधी जयंती के उपलक्ष्य में अखंड सूत यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में गांधी आश्रम के सभी कर्मियों ने चरखा चलाकर सूत काता। आश्रम के मंत्री संतोष प्रसाद मिश्र ने बताया कि सुबह 7 बजे से 8 बजे तक गांधी आश्रम बन्नादेवी में श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके बाद अखंड सूत यज्ञ शुरू हुआ, जो लगातार 24 घंटे चलेगा। संतोष प्रसाद ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया एवं अखंड दीपक जलाया। रात 9 से 12 बजे तक भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। जिसमें ‘रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम’ भजन गाया गया। अखंड सूत यज्ञ में श्रीराम यादव, हरीशचन्द विश्वकर्मा, ओमप्रकाश सिंह, अवधेश यादव, जामवंत मौर्य, सुनील तिवारी, जितेन्द्र सिंह, राघवेन्द्र चौरसिया, पुरुषोत्तम आदि उपस्थित थे।
गांधी आश्रम में आयोजन होगा
गांधी जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम बन्नादेवी, जीटी रोड पर गांधी जयंती समारोह का आयोजन किया जायेगा। यह जानकारी संतोष प्रसाद मिश्र ने दी।