विकास भवन कार्यालय का निरीक्षण करते सीडीओ अंकित खंडेलवाल।
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मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने शुक्रवार सुबह सवा दस बजे विकास भवन का औचक निरीक्षण किया, जिससे सभी कार्यालयों में अफरातफरी मच गई। कर्मचारियों ने आननफानन में फोन कर इसकी जानकारी साथियों को दी। इसके बावजूद छह अधिकारियों समेत लगभग 17 लोग गैरहाजिर मिले। सरकारी कर्मियों की लापरवाही का ये आलम तब है, जबकि सीडीओ पहले ही निरीक्षण करने का संकेत दे चुके थे। सीडीओ ने कहा कि यह उनका प्रथम निरीक्षण है, आगे भी वह ऐसे दौरे करते रहेंगे।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी पारुल सिसौदिया, आरईडी एक्सईएन अनिल शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी मनीष वर्मा, परियोजना अधिकारी नेडा फिरोज अहमद, एआर कोआपरेटिव संजीव तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संजय कुमार अनुपस्थित मिले। इनके साथ ही जिला पंचायत राज कार्यालय के पांच, एनआरएलएम के चार एवं बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, पिछड़ा वर्ग के एक-एक कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
सीडीओ ने परिसर का भ्रमण कर साफ-सफाई, उचित रखरखाव का जायजा लिया। परिसर में निष्प्रयोज्य खड़े वाहनों को देखकर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारी अनुबंधित वाहनों को प्राप्त कर आराम से हैं। कंडम खड़े वाहन और निष्प्रयोज्य सामग्री से विकास भवन परिसर की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है। परिसर में पीछे की तरफ बने शौचालयों की जीर्ण-शीर्ण दशा को सुधारने के साथ ही शौचालय की दीवारों पर रंगाई पुताई के निर्देश दिए। प्रेरणा कैंटीन भी पहुंचे और यहां के संचालकों को खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की चेतावनी दी। इस दौरान जिला विकास अधिकारी भरत कुमार मिश्रा, परियोजना निदेशक सचिन यादव, डीसी एनआरएलएम जनार्दन प्रसाद समेत जिला सूचना अधिकारी संदीप कुमार उपस्थित रहे।