न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के विद्यालयों में इस बार हर माह मासिक परीक्षा आयोजित होगी। हालांकि दाखिले के चलते अप्रैल में यह परीक्षा नहीं होगी, लेकिन मई के बाद हर महीने पढ़ाये गए पाठ्यक्रम की परीक्षा ली जाएगी। इसके आधार पर कमजोर विद्यार्थियों को छांटा जाएगा। जिससे शिक्षक उन पर विशेष ध्यान दे सकें। ताकि कमजोर विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में नकल के प्रति आश्रित न दिखें। यह बदलाव इसी सत्र से देखने को मिलेगा।
अक्सर देखा जाता है कि यूपी बोर्ड परीक्षा में अधिकतर विद्यार्थी नकल के प्रति आश्रित रहने लगे हैं, लेकिन पिछले सत्र से नकल पर सख्ती कर दी गई है। नतीजतन अधिकांश विद्यार्थियों ने इस बार दाखिले ही नहीं लिए। कई विद्यार्थियों ने परीक्षा परीक्षा छोड़ दी। इसका प्रमुख कारण इस बार यह भी रहा कि परीक्षाएं सीसीटीवी, वाइस रिकार्डर के माध्यम से होने लगी हैं।
अब नए सत्र में बच्चे नकल के लिए आश्रित न रहें, ऐसे में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नया फार्मूला लागू किया है। जिसके चलते अब हर माह मासिक परीक्षा आयोजित होगी। यह आदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक विनय कुमार पांडेय ने जारी किए हैं। जारी किए गए पत्र में यह भी बताया गया है कि अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं सितंबर में होंगी तो वार्षिक परीक्षाएं फरवरी माह में ही प्रारंभ होंगी। डीआईओएस ने बताया कि प्रधानाचार्यों को निर्देश दे दिए गए हैं।