न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
स्वच्छ भारत मिशन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना पूरा करने के लिए प्रशासन ने भले ही दिनरात पसीना बहाया हो, शौचालय निर्माण में ही अब तक करीब एक अरब 30 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि पानी की तरह बहा दी गई हो, लेकिन समूचे जनपद की ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त कराने का सपना अभी भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा हो। इसमें प्रचार-प्रसार एवं गांव गांव स्वच्छता गृहियों की समितियों पर बहाया गया लाखों रुपया शामिल नहीं है।
अब तक की प्रगति पर नजर डाले तो बुधवार तक जिले की 902 ग्राम पंचायतों में से मात्र 584 ग्राम पंचायतें ओडीएफ घोषित हो सकी हैं। गांधी जयंती पर दो अक्तूबर आने में मात्र 12 दिन बचे हैं। इतने कम समय में शेष 318 ग्राम पंचायतें खुले में शौच मुक्त हो पाएंगी, इसमें संदेह ही है। हालांकि प्रशासन शत प्रतिशत ओडीएफ का दावा कर रहा है।
दो लाख में से 1.87 लाख शौचालयों का हुआ निर्माण
ग्राम पंचायतों को खुले में शौच की बुराई से मुक्त कराने के लिए शासन ने दो लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य दिया था। डीपीआरओ पारुल सिसौदिया ने बताया कि अब तक 1.87 लाख शौचालय बन चुके हैं। शेष 13 हजार शौचालय भी निर्धारित समय में बन जाएंगे।
प्रचार प्रसार व स्वच्छता गृहियों पर भी खर्च हुए लाखों
ग्रामीणों को खुले में शौच बुराई के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशासन ने प्रचार-प्रसार में लाखों रुपया खर्च किया। वही ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए स्वच्छता गृही टीमों पर भी 20 लाख से ज्यादा रुपया अनुदान के रूप में दिया।
बुधवार तक 584 गांव ओडीएफ हो चुके हैं। शौचालय निर्माण का लक्ष्य भी पूरा होने के कगार पर है। इस सब में 1.30 अरब से ज्यादा धनराशि खर्च हुई है। शेष बची ग्राम पंचायतों को निर्धारित समय में ओडीएफ करा लिया जाएगा। इसका जीतोड़ प्रयास किया जा रहा है। -दिनेश चंद्र, मुख्य विकास अधिकारी