न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बंद तस्वीर महल में विष खपरिया (मॉनीटर लिजार्ड) को क्षेत्रीय वनाधिकारी अशोक कुमार निमेष ने पकड़कर उसे छेरत स्थित वन विभाग के रेंज में छोड़ दिया। वह नर विषखपरिया थी। उसकी आयु डेढ़ साल थी।
बंद तस्वीर महल में विषखपरिया होने की जानकारी वन विभाग को दी गई। मौके पर वन विभाग की टीम पहुंच गई, लेकिन टीम को सफलता नहीं मिली। दूसरे दिन भी उसे पकड़ने टीम पहुंची।
अशोक कुमार ने अपने साथी की मदद से उसे पकड़ लिया। अशोक कुमार ने बताया कि यह जानवर जहरीला नहीं होता है, बल्कि उसके लार में भयंकर बैक्टीरिया होते हैं, जो इंसान के लिए जानलेवा साबित होते हैं। विषखपरिया की अधिकतम आयु 7-8 साल की होती है।