एनकाउंटर : सिर्फ दो गोलियों में हुआ ‘दशहत’ का खात्मा
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
गुरुवार की देर रात पुलिस मुठभेड़ में सिर्फ दो गोलियों में ही आतंक का खात्मा हो गया। चार डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के साथ हुए पोस्टमार्टम में विकास के जिस्म से दो गोलियां निकली हैं। दोनों गोलियां शरीर के अहम हिस्सों में लगीं। विकास उर्फ खुजली कैश वैन लूटकांड से पहले कई संगीन वारदातों को अंजाम दे चुका था।
एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विकास पर बुलंदशहर के अहमदगढ़ थाने के अलावा शिकारपुर में हत्या, खुर्जा में आठ लाख की लूट, क्वार्सी इलाके में दो लूट, गांधी पार्क क्षेत्र में चार लूट, अन्य स्थानों पर संज्ञेय अपराधों में मुकदमा दर्ज हैं। जिनमें से शिकारपुर की हत्या में पांच हजार रुपये का इनाम घोषित है। पूर्व में पकड़े गए सुमित ने भी बताया था कि विकास को कैशवैन लूट में पांच लाख रुपया मिला था। विकास ने ही इस कैशवैन लूट की पूरी योजना बनाई थी। लंबे समय तक वह दोनों साथ में रहे थे, लेकिन सुमित के पकड़े जाने के बाद विकास का सुराग नहीं लग रहा था।
इस तरह हत्या और लूट की इतनी वारदातों को अंजाम देने के बाद विकास क्षेत्र में दहशत का पर्याय बन गया था। पुलिस को गुरुवार दोपहर से ही सूचना मिल रही थी कि चार दिन के लिए बैंकों का अवकाश होने वाला है। काले रंग की पैशन बाइक पर दो संदिग्ध घूमते देखे गए हैं। इस सूचना को लेकर जनपद की पुलिस अलर्ट थी। शाम को जब सीओ बरला को खबर मिली तो उन्होंने जिला मुख्यालय को सूचना दी। क्योंकि सीओ बरला एसटीएफ में रहे हैं। तो अपना सर्किल छोड़कर जाने से न रहा गया। वह खुद सीडीएफ की ओर दौड़ पड़े। हालांकि उनसे पहले ही सूचना पर पुलिस की पूरी टीम आ गई थी। बदमाशों ने सीडीएफ संपत्ति के अंदर का रास्ता देख रखा था। इसलिए बाइक गलती से मोड़ दी। अंदर बंद रास्ते के चक्कर में भटकने पर बाइक फिसल गई। इस तरह वह पुलिस के चंगुल में आ गए।
बाइक पर नहीं है नंबर प्लेट
अलीगढ़। मुठभेड़ के बाद बदमाश से एक बाइक मिली है, जिस पर नंबर नहीं है। इस बाइक के चेसिज नंबर आदि के आधार पर पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं यह लूट या चोरी की तो नहीं है।