गांधी नेत्र चिकित्सालय में जलभराव और गंदगी
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
गांधी नेत्र चिकित्सालय परिसर में हो रहे जलभराव की स्थिति का जायजा लेने सोमवार को शहर विधायक संजीव राजा और कोल विधानसभा से विधायक अनिल पाराशर मौके पर पहुंचे। यहां पर विधायक ने कहा कि अगर रामघाट रोड के सभी नाले साफ करा दिए जाएं तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होगी।
पिछले कई दिनों से गांधी आई हास्पिटल में चल रही जलभराव की समस्या पर दोनों विधायक वहां पहुंचे। उन्होंने वहां सहायक नगर आयुक्त सहित नगर निगम के कर्मचारी भी बुला लिए। विधायकों ने नगर निगम के कर्मचारियों और गांधी आई हास्पिटल प्रशासन के साथ पूरे हास्पिटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया कि यदि रामघाट रोड के सभी नाले साफ करा दिए जाएं तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होगी। जब विधायक रामघाट रोड पर गांधी आई हास्पिटल के बराबर चंदनिया रोड का निरीक्षण कर रहे थे तो इस दौरान पाया कि वहां बहुत बुरी तरह कूड़ा फैला हुआ है और पूरी सड़क पर सिल्ट फैली हुई है। कोई भी वहां से स्लिप होकर गिर सकता है। इस पर शहर विधायक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सहायक नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि इसे तुरंत साफ कराया जाए। इस प्रकार के अन्य स्थानों पर भी तुरंत ध्यान देने के लिए कहा। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी मधुप लहरी ने विधायकों को छत से भी पूरी स्थित दिखाई।
संबंधित जमीन की पैमाइश होगी
अलीगढ़। गांधी आई हॉस्पिटल के पीछे पड़ी जगह को नगर निगम अपनी पोखर बताता है तो दूसरी ओर गांधी आई ट्रस्ट प्रशासन उस पोखर में अपनी भी जगह बताता है। निरीक्षण करने पहुंचे विधायकों ने नगर निगम के अधिकारियों व गांधी आई हास्पिटल ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठक कर इस समस्या का निदान करने का प्रयास किया और तुरंत इसकी पैमाइश कराने के निर्देश दिए। कहा कि पैमाइश इस प्रकार हो जिससे भविष्य में कोई भी समस्या उत्पन्न न हो। पैमाइश के लिए नगर निगम ने तीन दिन का समय मांगा है। पैमाइश के बाद जो भी जगह नगर निगम की निकलेगी वह पानी के निकास के लिए उसमें खुदाई करा सकती है। अंत में इस बात पर सहमति बनी कि नगर निगम रामघाट रोड के सभी नालों की सफाई कराएगा और जो पोखर में पानी के निकास के लिए सड़क काट के पाइप डाली गई है उसे निगम बंद करेगा। जिससे पानी गांधी आई हास्पिटल में नहीं पहुंचेगा। यदि इसके बावजूद पानी भरता है तो मजबूरी में उसे कुछ समय के लिए खोला जा सकता है।