देहली गेट क्षेत्र के दो व्यक्ति से रेलवे में नौकरी के नाम पर 16.50 लाख रुपये ठग लिए गए। इसके बाद न नौकरी मिली और न रुपया मिला। अदालत के आदेश पर देहली गेट पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
नगला मसानी के लोकेश वर्मा ने कहा कि उसके परिचित सन्नी, राजकुमार व अकबर अली के जरिये उसकी मुलाकात हरदुआगंज नारौली के संदीप से हुई। संदीप ने स्वयं को अधिकारी बताते हुए घर आना जाना शुरू कर दिया। अच्छे संबंध होने पर उसने रेलवे में नौकरी दिलाने का प्रस्ताव रखा।
एक नौकरी के पांच लाख रुपये मांगे गए। इस पर संदीप ने प्रबल प्रताप नाम के एक व्यक्ति से इनकी मुलाकात कराई कि यही नौकरी लगवाएंगे। इसके बाद लोकेश ने अपने व एक अन्य साथी ने मिलकर नौकरी के नाम पर 16.50 लाख रुपये दिए।
इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप पर व फोटो प्रिंट के रूप में ज्वाइनिंग पत्र, आईडीकार्ड आदि कागज दिए, जिन्हें लेकर वे कुछ परिचितों से मिले तो वे फर्जी करार दे दिए गए। इसके बाद से ही रुपया वापसी के नाम पर धमकियां मिलने लगीं।
मामले में जानकारी पर यह भी सामने आया कि संदीप पर पहले से गभाना में एक इसी तरह का मुकदमा दर्ज है। इस मामले में लोकेश ने पुलिस से शिकायत की, मगर मदद नहीं मिली तो अदालत की शरण ली। इंस्पेक्टर देहली गेट के अनुसार प्रकरण में कोर्ट के आदेश के अनुसार मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में तथ्यों की जांच की जा रही है। उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।