विष्णुपुरी स्थित शिवा नर्सिंग होम प्रकरण में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उजागर हुआ है कि महिला की मौत गर्भाशय फटने से और बच्ची की मौत सिर में क्लॉट (रक्त का थक्का) बनने से हुई। वहीं, सीएमओ ने नर्सिंग होम को नोटिस जारी कर जांच बैठा दी है।
डोरी नगर निवासी राहुल ने अपनी 26 वर्षीय पत्नी सीता को प्रसव पीड़ा होने पर विष्णुपुरी के शिवा नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। मुकदमे में आरोप है कि डॉक्टर ने भर्ती करते समय सामान्य प्रसव का दावा किया था, मगर शुक्रवार दोपहर साजिश के तहत गर्भवती का पेट दबाकर प्रसव किया।
इसके कारण महिला व बच्ची की मौत हुई है, मगर यहां से बिना मृत बताए रेफर कर दिया, जब दूसरे अस्पताल पहुंचे तो दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस मामले में संचालक डॉ.हर्ष गर्ग सहित चार अन्य डॉक्टरों को नामजद किया है।
मुकदमे में गवाह राहुल की बहन रेनू का बयान है कि उसने अपनी आंखों से डॉक्टर को गर्भवती के पेट पर दबाव बनाकर प्रसव करते देखा है। इधर, शनिवार दोनों शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिए गए, जिसमें महिला की मौत गर्भाशय फटना और बच्ची की मौत सिर में क्लॉट से बताई गई है। क्लॉट को लेकर अंदेशा है कि यह प्रसव के समय किसी औजार से आई चोट से भी आ सकता है।
सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बताया कि मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जा रही है। बाकी प्रक्रिया जारी है।
लंबित है नर्सिंग होम का पंजीकरण
सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि इस मामले में जांच शुरू कराते हुए नर्सिंग होम संचालक को नोटिस भेजा गया है। अभी तक तथ्य देखने पर पता चला है कि नर्सिंग होम की पंजीकरण अवधि समाप्त हो चुकी है और पंजीकरण आवेदन रिन्यूवल में लंबित है। हालांकि यह अपराध का विषय नहीं है। मगर दो मौतों को लेकर जांच व डॉक्टर के जवाब के आधार पर आगे कार्रवाई तय की जाएगी। पीएम रिपोर्ट का अध्ययन कराया जाएगा। इस जांच के बाद ही पंजीकरण आगे जारी होगा या नहीं, यह भी तय होगा।