न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पांच साल पहले एएमयू कैंटीन से टाप अप ब्रांड के फ्लेवर्ड मिल्क का नमूना भरा। जांच में दूध के पैक पर उसे बनाने में प्रयुक्त सामग्री का उल्लेख नहीं मिला।
इसे मिस ब्रांड मानते हुए एडीएम सिटी न्यायालय ने कैंटीन संचालक पर 50 हजार तथा पुणे की निर्माता कंपनी पर दो लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 27 जून 2014 को एएमयू की कैंटीन से टाप अप ब्रांड के फ्लेवर्ड मिल्क का नमूना भरा था। इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
जांच में दूध के पैक पर उसे बनाने में प्रयोग होने वाली सामग्री का उल्लेख न होने एवं अन्य अनियमितताओं के चलते उसे मिस ब्रांड माना गया।
एडीएम सिटी न्यायालय ने कैंटीन संचालक मुदस्सिर पर 50 हजार एवं निर्माता कंपनी पराग मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड पूना के संचालक पर दो लाख रुपया जुर्माना लगाया है।