न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मनमाने तरीके से फीस बढ़ाकर अभिभावकों की जेब पर लगातार बोझ बढ़ा रहे स्कूल संचालक अब मनमानी नहीं कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बीएसए एवं डीआईओएस को आदेश जारी करते हुए सभी स्कूलों में एनसीईआरटी का कोर्स लागू कराने एवं फीस वृद्धि की नियमावली लागू कराने को कहा है।
समाजसेवी एवं रिटकर्ता डा. एलबी दयाशंकर ने बताया कि इस मामले में उन्होंने हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। 16 सितंबर 2016 में उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखा। वहां से मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को समस्या निवारण के लिए निर्देशित किया गया। साल भर तक कोई कार्रवाई न होने पर पीएमओ को दोबारा लिखा। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूली बच्चों की फीस एवं सिलेबस संबंधी कानून बनाया। इसमें सभी स्कूलों में एनसीईआरटी का सिलेबस, वार्षिक फीस 20 हजार से ज्यादा न करने तथा सात प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि न किये जाने का प्रावधान था, लेकिन यह आदेश लागू नहीं हो सका। 8 दिसंबर 2018 को डीएम को पत्र दिया। उनके आदेश के बावजूद बीएसए ने रुचि नहीं ली।
15 मई 2019 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। उनके आदेश पर मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश के बीएसए एवं डीआईओएस को कार्रवाई के आदेश कर दिए हैं। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि अब तक उनके पास कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आने के बाद जिला स्तरीय समिति की बैठक बुलाकर आदेश का अनुपालन कराया जाएगा।