फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

89 पशुधन प्रसार अधिकारियों पर लटकी तलवार

विज्ञापन
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


अलीगढ़ मंडल में लगभग दो वर्ष पहले तैनात हुए 89 पशुधन प्रसार अधिकारियों की नौकरी पर तलवार लटक गई है, इसमें 41 अधिकारी अलीगढ़ जिले में तैनात हैं।

ये वही अधिकारी हैं, जिनकी भर्ती में घपले का खुलासा होने के बाद पशुपालन निदेशक चरण सिंह यादव समेत पांच अपर निदेशकों को निलंबित कर दिया गया है। उक्त 89 अधिकारियों की नियुक्ति वर्ष 2014 में हुई थी, लगभग तीन वर्ष के प्रशिक्षण के बाद वर्ष 2017 में उनको मंडल में तैनात किया गया।

अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में हुई इस भर्ती की जांच हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई थी। कुल 1198 पदों के लिए हुई इस भर्ती में 1158 को चयनित किया गया। शेष 34 का चयन नहीं हुआ। जिनका चयन नहीं हुआ, वो हाईकोर्ट चले गए।
विज्ञापन


हाईकोर्ट के आदेश पर जांच शुरू हुई। जांच के बाद अब योगी सरकार ने इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए भर्ती के लिए जिम्मेदार पांच आला अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। जांच में पता चला कि भर्ती में कई नियमों को ताक पर रख कर मनमानी की गई।

अलीगढ़ मंडल के पशुपालन विभाग के अपर निदेशक आरके सक्सेना ने बताया कि जो भर्ती जांच के दायरे में आई है। उसके 89 पशुधन प्रसार अधिकारी अलीगढ़ मंडल भेजे गए थे। मंडल में 100 खाली पदों के सापेक्ष 89 अधिकारी भेजे गए थे। जिनकी कासगंज, हाथरस, एटा और अलीगढ़ में तैनाती हुई है।
विज्ञापन

जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. केपी वार्ष्णेय ने बताया कि अलीगढ़ जिले में ऐसे 41 अधिकारियों की तैनाती हुई थी। ये वर्तमान में अलग-अलग पशु सेवा केंद्रों में तैनात हैं। जिले में 112 पशु सेवा केंद्र हैं। पालतू पशुओं में होने वाली सामान्य बीमारियां, टीकाकरण, पशुगणना समेत अन्य योजनाओं में इनकी सेवाएं ली जा रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें