न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
टीकाकरण, स्वच्छता, आडिट समेत अन्य मामलों में अव्वल ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन देने के लिए चल रही मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के प्रति प्रधानों में उत्साह नजर नहीं आ रहा है। अब तक पिछली बार जिले में अव्वल स्थान पाने वाली टप्पल की ग्राम पंचायत भरतपुर के प्रधान के सिवाय किसी ने भी योजना के लिए आवेदन तक नहीं दिया है।
माना जा रहा है कि योजना के जटिल प्रावधान प्रधानों की हताशा का कारण हैं। प्रधानों के इस रुख से पंचायत विभाग के हाथ पांव फूले हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शासन ने आवेदन की तिथि 31 मई से बढ़ाकर दस जून कर दी है।
योजना के प्रावधान की कसौटी पर कसे जाते हैं प्रधान
- गर्भवती महिला एवं बच्चाें के टीकाकरण की स्थिति
- स्वच्छ भारत मिशन का क्रियान्वयन
- एएनएम की नियमित बैठक होती है या नहीं
- आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत महिला व बच्चों की संख्या
- पंचायत की स्वयं की आय है अथवा नहीं
- उज्जवला योजना, अटल पेंशन योजना की स्थिति
- प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति
- विभिन्न पेंशन योजनाओं की स्थिति
- रिबोर योग्य हैंडपंप अथवा नए हैंडपंपों की स्थापना
- भुखमरी एवं कुपोषण से मृत्यु की रोकथाम के प्रयास
- निर्धनता एवं ऋण के बोझ से आत्महत्या की रोकथाम
- आपदा प्रबंधन के इंतजाम
- ग्राम पंचायत की आंतरिक गलियों की स्थिति
- खुले में शौच से मुक्ति
- कुल मिलाकर 32 सवाल
प्रथम पुरस्कार पाने वाली पंचायत को मिलते हैं आठ लाख
योजना में प्रथम पुरस्कार पाने वाली पंचायत को आठ लाख, द्वितीय स्थान वाली को छह लाख, तृतीय को पांच लाख रुपये दिये जाते हैं।
वर्ष 2017-18 में गांव भरतपुर को मिला था प्रथम पुरस्कार
पिछले साल टप्पल का गांव भरतपुर प्रथम, तकीपुर को द्वितीय, जवां की ग्राम पंचायत रठगवां को तृतीय, जवां की ही ग्राम पंचायत मिर्जापुर सिया को चतुर्थ तथा अकराबाद की ग्राम पंचायत बघिया को पंचम पुरस्कार मिला।
पुरस्कार राशि का मात्र इन मदों में हो सकता है प्रयोग
पुरस्कार राशि खर्च करने के भी मानक है। मसलन यह राशि सफाई, गो संरक्षण, गोशाला के सुदृढ़ीकरण, कांजी हाउस की मरम्मत एवं रखरखाव, सफाई, तरल एवं अपशिष्ठ प्रबंधन, स्वयं की आय के स्त्रोत बढ़ाने एवं बनाने, पेयजल समस्या के निवारण को आरओ प्लांट, लघु उद्योग, पंचायत भवन के रखरखाव एवं पंचायत लर्निंग सेंटर में खर्च हो सकती ।
जिला स्तरीय समिति करती है चयन
योजना के लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाली हर गांव पंचायत को आईडी एवं पासवर्ड दिया जाता है। इसके माध्यम से प्रधान आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह आवेदन ब्लाक पर जाता है। ब्लाक की सिफारिश पर जिला स्तरीय समिति के पास आवेदन जाता है। इसके बाद डीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति मानकों की कसौटी पर कसकर चयन करती है।
मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना में अब तक मात्र टप्पल की ग्राम पंचायत भरतपुर का आवेदन ही आया है। सरकार ने आवेदन की तिथि 31 मई से बढ़ाकर दस जून कर दी है।
- हेमंत, डिप्टी मैनेजर पंचायत