न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
राशन की दुकानों पर त्रिस्तरीय चेकिंग व्यवस्था के बावजूद जिले के चार कोटेदारों ने इस माह सैकड़ों उपभोक्ताओं का हक मार लिया। उन्होंने राशन ही नहीं बांटा। इसकी जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। डीएसओ ने इसकी जांच संबंधित एआरओ एवं पूर्ति निरीक्षक को सौंपी है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जांच में दोषी पाये जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिये हैं।
शासन स्तर से एक माह का अग्रिम खाद्यान्न देने की व्यवस्था है। कोटाडीलरों को अप्रैल माह में ही मई माह के खाद्यान्न का अग्रिम कोटा दे दिया गया था। पिछले दिनों खाद्यान्न वितरण का मिलान किया गया तो पता चला कि गंगीरी ब्लाक के कोटा डीलर अशोक कुमार के पास 430 कार्ड हैं। इसमें से मात्र पांच कार्डों पर ही ई पाश मशीनों से खाद्यान्न बांटा गया।
इसी ब्लाक के गुलशन के पास 637 कार्ड हैं। इसमें से 60 कार्ड धारकों को मशीन से खाद्यान्न दिया गया। गोंडा ब्लाक के अजीत ने 852 कार्ड धारकों में से 134 को ई पाश मशीन से खाद्यान्न बांटा। जबकि इगलास के कोटा डीलर रवींद्र कुमार ने 310 कार्ड धारकों में से मात्र छह को मशीन से खाद्यान्न बांटा। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि मामले की जांच बैठा दी गई है। जांच की जिम्मेदारी एआरओ व पूर्ति निरीक्षक को सौँपी गई है।