न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ संसदीय सीट पर इस लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस का निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा। कांग्रेस प्रत्याशी चौ. बिजेंद्र सिंह की लगातार तीसरी बार जमानत जब्त हुई। उन्हें मौजूदा लोकसभा चुनाव में 50340 वोट मिले।
इससे पहले सन 2014 में चौ. बिजेंद्र सिंह को 62674 वोट मिले थे। इस तरह पिछली बार के मुकाबले 12334 वोट कम मिले हैं। जबकि सन 2009 के लोकसभा चुनाव में 1.65 लाख वोट मिले थे, जबकि नियमों के मुताबिक कुल डाले गए मतों का 16 फीसदी से अधिक वोट मिलना जरूरी है।
पिछले चार लोकसभा चुनाव की हार जीत का ब्यौरा
1-वर्ष 2014 के त्रिकोेणीय मुकाबले के बीच बही मोदी लहर में भाजपा ने जादुई कमबैक किया। भाजपा के सतीश गौतम को रिकार्ड 514622 (28.07 फीसदी) वोट मिले। बसपा के डॉ. अरविंद सिंह को 227886 (12.71 फीसदी) वोट मिले। सपा के जफर आलम को 226284 (12.62 फीसदी) और कांग्रेस के चौ. बिजेंद्र सिंह को 62674 (03.05 फीसदी) वोट मिले। 15 प्रत्याशियों के बीच 59.36 फीसदी मतदान हुआ।
2-वर्ष 2009 के चतुष्कोणीय संघर्ष में बसपा की राजकुमारी चौहान जीती। उनको 193444 (14.38 फीसदी) वोट मिले। सपा से मैदान में उतरे उद्यमी जफर आलम ने उनको बेहद कड़ी टक्कर दी। जफर आलम को 176887 (13.15 फीसदी) वोट मिले। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेेस के चौ. बिजेंद्र सिंह भी 165776 वोट (12.32 फीसदी) वोट ले गए। इस दिलचस्प मुकाबले में चौथे नंबर पर आई भाजपा की शीला गौतम को 126988 (09.44 फीसदी) मत मिले। कुल 23 प्रत्याशियों के बीच 51.44 फीसदी वोट पड़े।
3-वर्ष 2004 में चतुष्कोणीय चुनावी समर में कांग्रेस ने कमबैक किया। इसमें चौ. बिजेंद्र सिंह को 167142 वोट मिले। दूसरे नंबर पर रहीं भाजपा की शीला गौतम 164351 मत मिले। तीसरे नंबर पर बसपा के ठा.जयवीर सिंह को 159941 मत मिले। इस चुनाव में राष्ट्रीय लोक दल से ठा. दलवीर सिंह ने भी चुनाव लड़ा और 117219 मतों के साथ चौथे नंबर पर रहे। कुल 16 प्रत्याशियाें के बीच मुकाबला हुआ।
4-वर्ष 1999 के त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा से शीला गौतम लगातार चौथी बार जीतीं। उनको 219313 (39.58 फीसदी) वोट मिले। दूसरे नंबर पर बसपा के साहब सिंह को 138496 (24.99 फीसदी) वोट मिले। तीसरे नंबर पर सपा से चुनाव लड़े सुनील सिंह को 135232 (24.41 फीसदी) वोट मिले। कांग्रेस चौथे और बाकी अन्य पायदानों पर नीचे खिसक गए। 16 प्रत्याशियाें के बीच में 45.6 फीसदी मतदान हुआ।