न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर से बाहर किये गए बस आपरेटर्स के आंख की किरकिरी बने हुए आटो व टेंपो अलीगढ़-अतरौली मार्ग पर नजर नहीं आएंगे। बस आपरेटर्स की शिकायत पर एडीएम सिटी ने बगैर परमिट चल रहे इन आटो व टेंपो की जांच के लिए दो टीमें गठित कर दी हैं। यह टीमें आकस्मिक चेकिंग कर इन वाहनों पर शिकंजा कसेगी।
डीएम ने महानगर की ध्वस्त यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्राइवेट बसों का महानगर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था। आदेश लागू करने के लिए महानगर के अंदर बने सभी प्राइवेट बस अड्डों को खत्म कराते हुए महानगर के बाहरी इलाके में बस अड्डे बनवाए गए हैं।
शहर के बाहर होने तथा आटो व टेंपो के बगैर परमिट अतरौली तक जाने से बेहाल आपरेटर्स ने इसकी शिकायत एडीएम सिटी से की। उनका आरोप था कि अलीगढ़ में निजी बस स्टैंड शहर से बाहर कर दिए गए हैं। इसके बाद महानगर से अतरौली तक सवारियां ढोने के काम में टेंपो लग गए हैं। यह अवैध संचालन है। इसका परमिट नहीं है।
यह लोग हरदुआगंज एवं अतरौली तक सवारी ढो रहे हैं। इसके चलते प्राइवेट बसों को अपेक्षित सवारियां नहीं मिल रही हैं। इससे उन्हें निरंतर घाटा हो रहा है।
इस शिकायत पर अपर जिला मजिस्ट्रेट एसबी सिंह ने रेनू सिंह अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय, पंकज श्रीवास्तव क्षेत्राधिकारी नगर तृतीय, अमिताभ चतुर्वेदी एआरटीओ प्रवर्तन व रंजीत सिंह अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम, संजीव कुमार दीक्षित क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय, रंजीत कुमार एआरटीओ प्रशासन वाली दो टीमें गठित कर दीं।
एडीएम सिटी ने दोनों टीमों को आकस्मिक चेकिंग कर आटो व टैंपो के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं।
बस आपरेटर नहीं हैं संतुष्ट
एडीएम सिटी ने दो नवंबर को जारी किये आदेश में दो टीमें आटो व टैंपो की चेकिंग के लिए भले ही बना दी हो, लेकिन बस आपरेटर अब भी इन टीमों से खुश नहीं हैं। बस आपरेटर्स का कहना है कि यह आदेश प्रतिदिन चेकिंग के लिए जारी हुआ था, लेकिन एक भी दिन इस आदेश का पालन नहीं हुआ।