क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
सोमना रोड स्थित गांव ऐंचना के खेत में धान की पौध लगा रहे आधा दर्जन मजदूर कीटनाशक मिला पानी पीने से बेहोश हो गए। वहां पहुंचे अन्य किसानों ने जब उन मजदूरों को खेत में बेहोशी की हालत में पड़ा देखा तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन मजदूरों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
गांव ऐंचना में जरारा निवासी कालू, राकेश, बॉबी, कुंवरपाल सिंह, गोपाल सिंह, जीतू कुमार, छोटू सहित अन्य मजदूर बुधवार की सुबह खेत में धान की पौध लगा रहे थे। निकट स्थित ट्यूबवेल की कुंडी में मजदूर पानी पीने गए।
पानी पीते ही आधा दर्जन मजदूर बेहोश होकर खेत में ही गिर पडे़। खेत में पडे़ मजदूरों को देख अन्य ग्रामीण दौड़ कर आए। पानी डालने के बाद भी मजदूरों को होश नहीं आया।
किसानों ने उपचार के लिए बेहोश मजदूरों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के बाद मजदूरों को होश आ गया। ग्रामीणों ने बताया कि ट्यूबवेल की कुंडी में कीटनाशक दवा की कट्टी गिर गई थी, जिसके चलते पानी जहरीला हो गया था। सीएचसी के चिकित्सकों ने मजदूरों को खतरे से बाहर बताया है। पीड़ित मजदूरों के परिजन सीएचसी की सेवाओं से नाखुश थे।
उनका आरोप था कि सीएचसी में गरीबों के साथ जमकर लूट खसूट होती है। एक रुपये के पर्चे की कीमत पचास रुपये बसूली गई है। साथ ही सीएचसी में दवाएं होने के बाद भी हजारों रुपये की दवाएं बाहर से मंगाई गई हैं। परिजनों ने उक्त मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर किये जाने की बात कही है।
उक्त मामले में सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि मामले की छानबीन कर सीएचसी में सुविधा के नाम पर अवैध बसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोषी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।