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ग्राम प्रधान रखेंगे अध्यापकों पर नजर, गैरहाजिरी की देंगे रिपोर्ट

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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ग्राम प्रधान अब परिषदीय स्कूलों के हेडमास्टरोें व सहायक अध्यापकोें की हाजिरी पर नजर रखेंगे और उनकी गैरहाजिरी की रिपोर्ट बीएसए को देंगे। यह रिपोर्ट बीएसए के माध्यम से डीएम को दी जाएगी और गैरहाजिर अध्यापकोें के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश डीएम ने डीआईओएस, बीएसए व इन विभागोें के पटल प्रभारियोें के साथ बैठक कर दिए। स्कूल सेफ्टी पॉलिसी लागू करने के निर्देश भी डीएम ने दिए।

कलेक्ट्रेट में उक्त अधिकारियों की बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि परिषदीय स्कूलों में प्रधानाध्यापक अपनी उपस्थिति स्मार्ट फोन के जरिए देंगे। इसके लिए साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। बीएसए डॉ.लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि इस तकनीकि सिस्टम के अलावा बैठक में डीएम ने यह निर्देश भी दिए हैं कि हेडमास्टरोें व अध्यापकों की उपस्थिति पर उक्त गांव के प्रधान भी नजर रखेंगे और गैरहाजिरी पर वह भी बीएसए को रिपोर्ट करेंगे।
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यह रिपोर्ट बीएसए यानि उनके माध्यम से डीएम पर आएगी और फिर गैरहाजिर हेडमास्टरोें व सहायक अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह व्यवस्था भी की गई है कि स्कूल में सफाईकर्मियों की उपस्थिति की आख्या प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान व पंचायत सेकेट्री देंगे। बैठक में यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि कोई स्कूली वाहन खराब है तो इसकी सूचना बीएसए व डीआईओएस तत्काल आरटीओ को दें और ऐसे वाहनों को सीज कराएं।

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में सीलन कार्यदायी संस्था से दूर कराई जाए। साथ ही जिन स्कूलों में शौचालय जर्जर हैं। वहां इनका मरम्मत डीसी मनरेगा कराएंगे। बकौल बीएसए बैठक में डीएम चंद्रभूषण सिंह ने यह भी निर्देश दिए कि बच्चों को मानक के अनुरूप अच्छी गुणवत्ता की यूनिफॉर्म नियत अवधि तक वितरित कर दी जाएं। अन्य सुविधाएं भी उन्हें दी जाएं। शासन के अनुरूप ही कार्य किया जाए और शिकायतों का निस्तारण कराया जाए। बैठक में डीआईओएस डॉ.धर्मेंद्र शर्मा. बीएसए डॉ.लक्ष्मीकांत पांडेय व अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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शिक्षक संघ करेगा इस व्यवस्था का विरोध
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रशांत शर्मा ने इस व्यवस्था पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होेंने कहा है कि हालांकि अभी उन्हें इस आदेश के बारे में पूरी जानकारी नहीं है लेकिन यदि अध्यापकों की हाजिरी की जानकारी ग्राम प्रधानों से मांगी गई तो संघ इसका विरोध करेगा। यह शिक्षकोें के साथ सरासर अन्याय है। जनप्रनिधि किसी भी सरकारी कर्मचारी की उपस्थिति के लिए अधिकृत नहीं किया जा सकता।
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