न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जवां (अलीगढ़)।
क्षेत्र के गांव हैवदपुर सिया में डिग्री कॉलेज अलिहिदाया कॉलेज ऑफ एजूकेशन में धड़ल्ले से नकल चल रही है। यहां दो छात्राओं ने प्रबंधन पर नकल कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि रुपये न देने के कारण उन्हें एक घंटे तक सेंटर में घुसने नहीं दिया गया। मीडिया व कंट्रोल रूम फोन करने पर उन्हें अंदर ले गए और पेपर दिलाया।
बताया जाता है कि इस डिग्री कॉलेज में आईआईएमटी अलीगढ़ के बीकॉम व एमकॉम के लगभग 1200 छात्र-छात्राएं पेपर दे रहे हैं। सोमवार को एफओई बीकॉम द्वितीय वर्ष का द्वितीय पेपर देने आईं दो छात्राओं श्वेता ठाकुर व मनीषा चौधरी को लगभग एक घंटे तक कॉलेज प्रबंधन ने अंदर घुसने नहीं दिया। जब उन्होंने कंट्रोल रूम व मीडिया कर्मियों को इसके बारे में जानकारी दी।
तब कहीं जाकर कॉलेज प्रबंधन ने पेपर देने के लिए अंदर बुलाया। श्वेता ठाकुर व मनीषा चौधरी का कहना है कि इस कॉलेज में जिन छात्र-छात्राओं ने नकल करने के लिए रुपये दिये हैं। उन छात्र-छात्राओं को अलग कमरे में बैठाकर नकल कराई जाती है। जिसके कारण किसी रूम में सीरियल से छात्र-छात्राएं नहीं बैठाए जाते। हम लोगों से भी इन्होंने रुपये मांगे।
नहीं देने के कारण इन्होंने हमें लगभग सेंटर के बाहर एक घंटे तक रोके लगा। इसके बाद जब पुलिसकर्मी व मीडियाकर्मी वहां पहुंचे तो आननफानन में कॉलेज प्रबंधन ने सीरियल से छात्र-छात्राओं को बैठाया व छात्राओं से नकल लेकर बाहर फेंक दी।
छात्राओं का यह भी कहना था कि इस कॉलेज प्रबंधन ने 2000 से 3000 रुपये प्रति छात्र से प्रति पेपर वसूला है। वहीं केंद्र व्यवस्थापक डॉक्टर धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि सभी आरोप झूठे हैं। हमारे कॉलेज ने छात्रों से कोई भी पैसा नहीं लिया गया है। रही बात सीरियल नंबर से न बैठाने की तो हमारे यहां पहली बार सेंटर पड़ा है। हमें इसके बारे में अभी जानकारी नहीं है। वहीं श्वेता ठाकुर ने कहा कि अगर और परेशान किया गया तो मामले को विवि के अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा।