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निजी विवि सुधार सकते हैं शिक्षा की दशा और दिशा : डॉ. सहस्रबुद्धे

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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मंगलायतन विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। अभी दुविधा की स्थिति बनी हुई है। शिक्षा को हमने जीविका का माध्यम बना लिया है। अभी भी लाखों स्नातक अपने विषय की गहराई को नहीं समझ पाए हैं।

क्षितिज की ओर अग्रसर होते हुए स्वयं आत्म चिंतन करेंगे तो उन्हें सकारात्मक उत्तर मिलेगा। तभी इस डिग्री की सफलता है। यह समारोह विद्यार्थियों को जिंदगी को समझने की ताकत देगा। निजी विवि शिक्षा की दशा और दिशा सुधार सकते हैं।
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कवि डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि एक बाहरी व्यक्ति ने हमारी शिक्षा को एजूकेशन में बदल दिया, जबकि शिक्षा का अर्थ होता है कि सीखना। उन्हें डीलिट की उपाधि दी गई। अध्यक्षीय भाषण में प्रो0 अच्युतानंद मिश्र ने कहा कि 21वीं सदी का भारत बदल रहा है। प्रौद्योगिकी और अभियांत्रिकी का विकास तेजी से हो रहा है। यह अवधि चैथी औद्योगिक क्रांति की होगी । यह भारत के लिए एक नया अध्याय होगा। दुबई केयर के कार्यकारी अधिकारी तारिक अल गुर्ग को डीलिट की उपाधि दी गई। उन्होंने कहा कि उनका संगठन 57 देशों में 90 लाख बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान कर रहा है। हम पूरी तरह से शिक्षा को समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए दुबई और भारत में कोई अंतर नहीं है।


भारत का खाना पसंद है। कुलपति प्रो. केवीएसएम कृष्णा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। समारोह का संचालन कुलसचिव प्रो. शिवाजी सरकार व डॉ. हिरा दिलशाद ने किया। बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के चेयरमैन हेमंत गोयल ने अतिथियों को प्रतीक चिह्न भेंट किए। समारोह में पूर्व चांसलर गोपाल दास नीरज को एक मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई। दीक्षांत समारोह में 742 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। सभी संस्थानों के ने विभागों के डिग्री धारकों को प्रस्तुत किया।
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ये रहे मौजूद
डीन व प्रिंसिपल प्रो. आरिफ सुहेल, प्रो. विकास कौशिक, प्रो. जयंती लाल जैन, डॉ. लाल रत्नाकर, गुरुदेव ऋषिराज, वित्त अधिकारी अतुल गुप्ता, प्रो. अली आर फतेही, डॉ. दिनेश पांडेय, परीक्षा नियंत्रक डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. राजीव शर्मा, महेश कुमार, डॉ. मनोज राणा, प्रो. आरके शर्मा, डॉ. राहुल गोयल, डॉ. अंकुर अग्रवाल, डॉ. सौरभ सिंह, मनीषा उपाध्याय, सतीश कुलश्रेष्ठ आदि।
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