न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता (वितरण) मुकुल सिंघल ने बताया कि मंगलवार को प्रमुख सचिव ऊर्जा ने प्रदेश के सभी मुख्य अभियंताओं के साथ लखनऊ में बैठक की जिसमें विभिन्न सर्किलों में विद्युत वितरण, राजस्व और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्य अभियंता ने बताया कि बैठक में बिलिंग को लेकर बहुत चर्चा की गई। निर्देशित किया गया है कि उपभोक्ता को बिल समय पर मिले और सही मिले। पिछले कुछ महीनों में बिलिंग के लिए एक नई कंपनी को पूरे प्रदेश में कार्यभार दिया गया है, जिसके बाद बिलिंग में काफी समस्या आई और दो दो महीनों तक उपभोक्ताओं को बिल नहीं मिल सके।
इस पर मुख्य अभियंता ने कहा कि कोई भी नई व्यवस्था शुरू की जाए तो उसमें शुरुआत में कुछ समस्याएं आती हैं। लेकिन बाद में सब कुछ सही हो जाता है। यह भी ऐसी ही स्थिति है। मुख्य अभियंता ने बताया कि आने वाले महीनों में और गर्मी की स्थिति होगी। इसको लेकर बढ़ने वाली विद्युत मांग के लिए विभाग पहले ही तैयार है। शहरों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश हैं। लोकल फाल्ट हो सकते हैं। उनकी यथा शीघ्र मरम्मत की जाएगी। आगरा में टोरंट जैसी व्यवस्था के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह एक परस्पर व्यवस्था है। देखना होगा उपभोक्ता क्या चाहते हैं? वह जैसा विभाग को रेस्पांस करेंगे, विभाग की उपभोक्ताओं को उसी के अनुरूप सर्विस दे पाएगा।
सही बिल जमा करने पर भी दर्ज कराई रिपोर्ट, अब उत्पीड़न भी
एक ओर प्रमुख सचिव सही बिलिंग पर जोर दे रहे हैं वहीं तहसील अतरौली के गंगीरी में सही तरीके से बिजली का बिल जमा कराने के बाद भी उसी उपभोक्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का मामला प्रकाश में आ गया। बाद में संबंधित जेई ने उपभोक्ता का नाम दर्ज मुकदमे से निकालने के लिए दूसरी तहरीर दी। गंगीरी के गांव मझोला के रहने वाले रियाज मोहम्मद सऊदी अरब में रहते हैं।
इन्होंने अपना बिल 650 रुपये जमा करा दिया था लेकिन रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बाद में जेई ने दूसरी तहरीर में कहा कि 29 जनवरी को दर्ज कराई गई रिपोर्ट में रियाज मोहम्मद का नाम गलती से अंकित हो गया था। इसके बाद अब रियाज मोहम्मद का आरोप है कि अब भी विभाग उनके बूढ़े माता पिता का उत्पीड़न कर रहा है और 232 रुपये जमा करने के लिए कई बार नोटिस भेज चुका है।