डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
पिछले शैक्षिक सत्र की बोर्ड परीक्षाओं में नकल के साथ अन्य संदिग्धता में पाए गए आठ विद्यालयों को शासन ने तीन साल के लिए डिबार घोषित कर दिया है। इसके साथ ही इन विद्यालयों से साढ़े चार लाख की रिकवरी भी की जाएगी। इस संबंध में डीआईओएस ने शासन को अनियमितताएं पाए जाने पर बोर्ड परीक्षा के दौरान संस्तुति की थी। वहीं विगत जून जुलाई माह में शासन जिले के 18 विद्यालय डिबार कर चुका है।
बता दें कि अलीगढ़ पर नकल का धब्बा मिटाने के लिए पिछली बोर्ड परीक्षा में शासन ने कमर कस ली थी। इसके लिए अधिकारियों को सख्त से सख्त कार्यवाही करने के आदेश दिए गए थे। इस कार्रवाई से हजारों परीक्षार्थियों ने परीक्षा भी छोड़ दी थी। वहीं कई नकल माफिया ऐसे भी थे, जो शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर नकल करा रहे थे। सूचना पर अधिकारियों ने इन विद्यालयों में छापा मारा। जिसके तहत कई गिरफ्तारियां, नामचीन नकल माफिया को नजरबंद करने जैसी कार्यवाही भी हुईं। डीआईओएस ने अनियमितता वाले विद्यालयों पर कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी थी। इसी के चलते जून-जुलाई में शासन ने तीन साल के लिए 18 विद्यालयों को डिबार घोषित किया था। यह विद्यालय तीन साल तक परीक्षा केंद्र नहीं बन सकेंगे। इसी के साथ शासन ने अब अन्य आठ विद्यालयों की लिस्ट जारी कर इनसे साढ़े चार लाख की रिकवरी के आदेश किए हैं। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि सात स्कूलों से 50-50 हजार व एक स्कूल से दो बार परीक्षा निरस्त होने पर एक लाख रुपयों की रिकवरी शत प्रतिशत करायी जाएगी। अगर संचालक जुर्माना राशि को जमा नहीं करते हैं तो भू राजस्व के भांति बसूली की जाएगी।
इन विद्यालयों से की जाएगी रिकवरी
धांधू सिंह रामधुन इंटर कालेज, सिरसा, बौहरे किशन लाल शर्मा इंटर कालेज, तेवथू, लालाराम श्रीदेवी इंटर कालेज, भुड़िया छबीलपुर, चंद्रपाल सिंह इंटर कालेज, औधाखेड़ा, अतहर अली मेमोरियल इंटर कालेज, नरूपुरा, सत गुरुदेव रामदेव जी महाराज आदर्श उमावि, अतरौली, सरदार सिंह इंटर कालेज, नगला बाटुल, सुरेंद्र यादव इंटर कालेज, कंचनपुर।