न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन करने के बाद संभागीय परिवहन अधिकारी उन्हें आरसी नहीं दे पा रहे हैं। इसके कारण वाहन स्वामियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन की आरसी न होने के कारण कभी-कभी वाहन स्वामी को चालान की कार्यवाही भी झेलनी पड़ती है।
इससे निजात दिलाने के लिए विभाग ने तोड़ निकाल लिया है। वाहन का रजिस्ट्रेशन होते ही वाहन स्वामी के मोबाइल पर मैसेज आएगा। इस मैसेज की मदद से वह कार्यालय से आरसी जारी न होने तक चेकिंग में अपना बचाव कर सकता है।
एआरटीओ (प्रशासन) रंजीत सिंह ने बताया कि जिस कागज पर आरसी जारी होती है मुख्यालय से वह कागज पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है। कागज न मिलने के कारण वाहन स्वामियों को आरसी जारी नहीं हो पा रही थी। हालांकि मुख्यालय से कागज प्राप्त करने के लिए काफी प्रयास किए गए, लेकिन पूरे प्रदेश में कागज का अभाव है।
जितनी मात्रा में कागज मिलते हैं उस हिसाब से आरसी जारी कर दी जाती है। इसकी कई बार मुख्यालय में शिकायत भी कराई थी। इसी का नतीजा है कि परिवहन विभाग ने मैसेज की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि जैसे ही नए वाहन का रजिस्ट्रेशन होगा उसके स्वामी के मोबाइल पर रजिस्ट्रेशन का मैसेज पहुंच जाएगा।
यह मैसेज भी आरसी का काम करेगा। चेकिंग आदि में वाहन स्वामी अपने मोबाइल पर यह मैसेज दिखाकर बच सकता है। जैसे ही मुख्यालय से आरसी के कागज आ जाएंगे वाहन स्वामी को सूचित कर आरसी दे दी जाएगी।
पिछले माह पांच हजार आरसी के कागज मिले थे, अगस्त माह में कागज नहीं मिला है। इसलिए करीब तीन हजार के करीब वाहनों को आरसी जारी नहीं की गई है। मुख्यालय कर्मचारी भेजा था, लेकिन वहां ईद के बाद कागज मिलने का आश्वासन मिला। वाहन-4 सॉफ्टवेयर के तहत जैसे ही वाहन का रजिस्ट्रेशन होता है वाहन स्वामी को मैसेज जाता है। यही मैसेज आरसी का काम करेगा।
रंजीत सिंह, एआरटीओ (प्रशासन)
वाहन डीलरों ने किया आरटीओ दफ्तर पर हंगामा
एक माह से आरसी जारी न होने पर वाहन डीलरों का आक्रोश मंगलवार को फूट गया। बड़ी संख्या में वाहन डीलर आरटीओ दफ्तर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। वाहन डीलरों का आरोप था कि आरटीओ दफ्तर के अधिकारी जान बूझकर आरसी जारी नहीं कर रहे हैं। जो लोग सुविधा शुल्क देते हैं उन डीलरों के यहां से बिक्री होने वाले वाहनों की आरसी जारी हो जाती है। जबकि उनके यहां के वाहनों की आरसी जारी नहीं हो रही है। इस कारण उनकी मार्केट में साख खराब हो रही है।