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अलीगढ़... मंत्री का मेजबान बोला, मेरे घर तो उस दिन चूल्हा ही नहीं जला

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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अलीगढ़ के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा के लोहगढ़ गांव में रात्रि प्रवास के दौरान दलित के घर भोजन करने की पोल खुद उसी दलित युवक ने खोल दी, जिसने रात में सोते से उठकर प्रभारी मंत्री के लिए घर का दरवाजा खोला था। रजनीश नाम के इस युवक के अनुसार घर पर वह अकेला है। सोमवार को अपराह्न तीन बजे उसने खुद खैर के टैटीगांव तिराहे पर ठेले पर नान और छोले खाए थे। इसके बाद घर पर आकर सो गया था। उसके घर पर चूल्हा जलाने वाला ही कोई नहीं था, भोजन कौन बनाता? रजनीश के अनुसार उसे तो यह भी पता नहीं था कि प्रभारी मंत्री को उसके घर आना है।

हैरत वाली बात यह भी है कि जिस दलित सतीश के घर प्रभारी मंत्री सुरेश राणा के भोजन करने की बात कही जा रही है, वह सतीश बेटे मुन्नू का मुंडन कराने के लिए 25 अप्रैल को ही छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के निकट स्थित धर्मस्थल दामाखेड़ा गए हुए हैं। पत्नी बच्चों के साथ माता-पिता, छोटा भाई भी साथ गए हैं। उनके बुधवार की रात तक लौटने की बात कही जा रही है। सतीश के छोटे भाई रजनीश घर पर अकेले हैं।
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रजनीश ने बताया कि घर में तीन दरवाजे हैं। सुरक्षा के लिहाज से वह दरवाजे बंद कर शाम से घर पर ही थे और जल्दी सो गए थे। रात करीब 11 बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया। नींद में उसने दरवाजा खोल तो सामने सांसद सतीश गौतम, छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह, खैर विधायक अनूप प्रधान और अधिकारी खड़े थे। उन्होंने कहा कि मंत्री जी तुम्हारे घर आ रहे हैं। यहीं पर भोजन करेंगे।

उसके बाद प्रभारी मंत्री के साथ कई लोग आ गए। उसने तत्काल सभी को अंदर बिठाया। पीछे से खाना आ गया। खाना खाने के बाद प्रभारी मंत्री बरामदे में बिछी चारपाई में लेट गए। 15 मिनट बाद उठकर उसके घर के पीछे ही बने सामुदायिक केंद्र में चले गए, जहां कूलर आदि लगा था। वहीं पर रात में प्रभारी मंत्री सोए। दलित के घर कैटरर्स का खाना खाने की खबर फैलने पर मंगलवार की सुबह प्रभारी मंत्री भाजपा जिलाध्यक्ष देवराज सिंह, विधायक अनूप प्रधान गांव के दूसरे दलित पूर्व प्रधान सुनपत सिंह के मकान में पहुंच गए। वहां उन्होंने चाय पी और नाश्ता किया लेकिन चूक वहां भी हो गई। यहां भी प्रभारी मंत्री के लिए चाय बाहर से बनकर आई थी। सुनपत सिंह ने बताया कि मंगलवार की सुबह वह खेत पर थे। वहां से लौटे तो देखा कि घर पर मंत्री विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष बैठकर चाय पी रहे हैं। वह भी वहीं बैठ गए और उनके साथ चाय पी, लेकिन चाय उनके घर पर नहीं बनी थी। पत्नी ने कप जरूर दिए थे। बुधवार को भी यह मामला सुर्खियों में रहा।

लखनऊ से लेकर दिल्ली तक यह खबर पहुंचने के बाद पार्टी के जिला स्तरीय नेताओं में हड़कंप की स्थिति है। बुधवार को खैर विधायक अनूप प्रधान ने लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में मीडिया से बात कर सफाई देने की कोशिश की। खैर बीडीओ, एडीओ गांव पहुंचे तथा मामले को मैनेज करने की कोशिश की। सोमवार को गांव लोहागढ़ में जिला प्रभारी मंत्री सुरेश राणा का रात्रि प्रवास कार्यक्रम था। रात में उन्होंने दलित के घर पहुंचकर भोजन किया था, लेकिन यह खाना कैटरर्स के यहां से मंगवाया गया था।
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लिखकर दे दो, तुमने ही बनवाया खाना
रजनीश ने बताया कि मामला तूल पकड़ने पर बीडीओ खैर, एडीओ, सेक्रेटरी व ग्राम प्रधान उनके पास आए। कहा कि लिखकर दे दो कि खाना तुमने बनवाया था। मैंने इंकार कर दिया कि जब मैंने खाना बनवाया ही नहीं तो लिखकर क्यों दूं। हां मुझे मंत्री के आने की पहले सूचना देते तो स्वागत, सत्कार के लिए कहीं से भी व्यवस्था करता। अधिकारी अन्य ग्रामीणों से भी मिले तथा उनसे कहा कि सारी व्यवस्था आप लोगों ने ही की थी। ग्रामीण भी इस बात पर राजी नहीं हुए, जिसके बाद अधिकारी बैरंग हो गए। उधर बीडीओ रिजवान हुसैन ने सफाई दी कि लोहगढ़ गांव गए थे, लेकिन किसी से कुछ भी लिखने के लिए नहीं कहा। इतना जरूर कहा था कि जो वास्तविकता है, आप उसे बताइए।
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